
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 12 जुलाई 2026, रविवार
कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – उत्तरायण
ऋतु – वर्षा
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – ज्येष्ठ (अमांत), आषाढ़ (पूर्णिमांत)
पक्ष – कृष्ण
तिथि – त्रयोदशी रात्रि 10:32 तक, तत्पश्चात् चतुर्दशी
वार – रविवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – रोहिणी सुबह 08:30 तक, तत्पश्चात् मृगशिरा
योग – वृद्धि रात्रि 08:05 तक, तत्पश्चात् ध्रुव
करण – गर दोपहर 12:21 तक, तत्पश्चात् वणिज रात्रि 10:32 तक, तत्पश्चात् विष्टि (भद्रा)
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 05:24 AM
सूर्यास्त – 07:09 PM
चन्द्रोदय – अगले दिन (13 जुलाई) 03:44 AM
चन्द्रास्त – 05:21 PM
चन्द्र राशि – वृषभ रात्रि 07:07 PM तक, तत्पश्चात् मिथुन
अभिजित मुहूर्त – 11:49 AM से 12:44 PM तक
विजय मुहूर्त – 02:34 PM से 03:29 PM तक
अशुभ काल
राहुकाल – 05:26 PM से 07:09 PM तक
यमगण्ड – 12:17 PM से 02:00 PM तक
गुलिक काल – 03:43 PM से 05:26 PM तक
दुर्मुहूर्त – 05:19 PM से 06:14 PM तक
वर्ज्यम् – 09:59 AM से 10:54 AM तक
शुभ चौघड़िया
चर – 05:24 AM से 07:07 AM तक
लाभ – 08:50 AM से 10:33 AM तक
अमृत – 10:33 AM से 12:17 PM तक
शुभ – 02:00 PM से 03:43 PM तक
दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – पश्चिम
यात्रा उपाय – रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो दलिया, घी या पान खाकर अथवा अपना चेहरा देखकर प्रस्थान करें।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
प्रदोष व्रत (कृष्ण पक्ष)
आज आषाढ़ कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि होने के कारण ‘प्रदोष व्रत’ रखा जाएगा। रविवार के दिन प्रदोष व्रत होने से यह ‘भानु प्रदोष’ कहलाता है। आज शाम के समय भगवान शिव और माता पार्वती की संयुक्त पूजा-अर्चना करने से आरोग्यता, दीर्घायु और अटके हुए प्रशासनिक कार्यों में अभूतपूर्व सफलता मिलती है।
रोहिणी व मृगशिरा नक्षत्र का योग
सुबह 08:30 तक चंद्रमा का प्रिय और शुभ नक्षत्र रोहिणी रहेगा, जो कृषि, व्यापार और सौन्दर्य से जुड़े कार्यों के लिए लाभकारी है। इसके बाद मृगशिरा नक्षत्र प्रारंभ होगा, जिसके स्वामी मंगल देव हैं। यह नक्षत्र खोजी प्रवृत्ति, ऊर्जा और नए प्रोजेक्ट की शुरुआत के लिए बेहतरीन माना जाता है।
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज रात्रि 07:07 तक चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में गोचर करेंगे, जिससे आर्थिक फैसलों में स्थिरता आएगी। इसके बाद चंद्रमा मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। ध्यान रखें कि रात्रि 10:32 से भद्रा (विष्टि करण) प्रारंभ हो जाएगी, इसलिए देर रात कोई भी मांगलिक या नया कार्य शुरू करने से बचें।

आज का राशिफल – 12 जुलाई 2026 रविवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
रात्रि तक चंद्रमा का गोचर आपके धन भाव में रहने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। रात के बाद पराक्रम में वृद्धि होगी और मित्रों से सहयोग मिलेगा।
उपाय – भगवान शिव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
चंद्रमा आपकी ही राशि में रहने से मानसिक रूप से प्रसन्नता और शांति का अनुभव होगा। सामाजिक जीवन में आपका प्रभाव बढ़ेगा। देर शाम के बाद वाणी पर थोड़ा नियंत्रण रखें, किसी से बहस हो सकती है।
उपाय – शिव चालीसा का पाठ करें और मिश्री का भोग लगाएं।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
दिन के समय धन खर्च की अधिकता और भागदौड़ रह सकती है। सोच-समझकर निवेश करें। रात्रि में चंद्रमा के आपकी राशि में आते ही मूड में सकारात्मक बदलाव आएगा और तनाव दूर होगा।
उपाय – उगते सूर्य को अर्घ्य दें और लाल चंदन का तिलक लगाएं।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज का दिन आपकी महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति का है। व्यापार में अच्छा मुनाफा और नौकरी में प्रोत्साहन मिल सकता है। बड़े भाई-बहनों का सहयोग आपके काम आसान कर देगा।
उपाय – शिव मंदिर में सफेद चंदन चढ़ाएं।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
कार्यक्षेत्र और करियर के लिहाज से आज का दिन बेहद शानदार रहेगा। बॉस और वरिष्ठ अधिकारियों की कृपा से बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। मान-सम्मान में वृद्धि होगी।
उपाय – ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जप करते हुए शिवलिंग पर जल चढ़ाएं।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
भाग्य का भरपूर सहयोग मिलने से बिगड़े काम भी बनने लगेंगे। धार्मिक यात्रा या किसी मांगलिक कार्य में शामिल होने का अवसर मिलेगा। छात्रों को उत्तम परिणाम मिलेंगे।
उपाय – किसी गरीब या जरूरतमंद को गुड़ का दान करें।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
दिन का पूर्वार्ध थोड़ा संवेदनशील रह सकता है, स्वास्थ्य और खानपान का विशेष ध्यान रखें। शाम के बाद भाग्य उदय होगा, परिस्थितियां आपके पक्ष में मुड़ेंगी और कार्यों में गति आएगी।
उपाय – महामृत्युंजय मंत्र की एक माला का जप करें।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
दाम्पत्य जीवन और प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी। व्यापारिक साझेदारी से बड़ा आर्थिक लाभ होने की पूरी उम्मीद है। सामाजिक कार्यों में आपकी रुचि और प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
उपाय – हनुमान जी को बूंदी का भोग लगाएं।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
कार्यक्षेत्र में आपके विरोधी या शत्रु परास्त होंगे। कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में कोई राहत भरी खबर मिल सकती है। सेहत के प्रति थोड़ी सावधानी बरतें।
उपाय – भगवान सूर्य नारायण के मंत्रों का पाठ करें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
संतान पक्ष की ओर से कोई शुभ समाचार मिलेगा। बुद्धि और सूझबूझ से आप कठिन से कठिन चुनौतियों को भी पार कर लेंगे। आकस्मिक धन लाभ के योग बने हुए हैं।
उपाय – शिव परिवार की पूजा करें और सफेद फूल अर्पित करें।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
भौतिक सुख-साधनों और सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। भूमि या वाहन खरीदने का विचार बन सकता है। माता जी के साथ संबंध मजबूत होंगे। कार्यक्षेत्र में दिन सामान्य रहेगा।
उपाय – शिवलिंग पर थोड़े काले तिल मिलाकर जल चढ़ाएं।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आपके पराक्रम, साहस और पुरुषार्थ में बढ़ोतरी होगी। सहकर्मियों के सहयोग से कार्यक्षेत्र में कोई बड़ा प्रोजेक्ट पूरा हो सकता है। छोटी यात्राएं आर्थिक रूप से फलदायी रहेंगी।
उपाय – शिव मंदिर में कपूर और शुद्ध घी का दीपक जलाएं।
॥ शुभम भवतु ॥


