
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 10 जुलाई 2026, शुक्रवार
कालगणना
सृष्टि संवत् – 1,95,58,85,127
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – उत्तरायण
ऋतु – वर्षा
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – ज्येष्ठ (अमांत), आषाढ़ (पूर्णिमांत)
पक्ष – कृष्ण
तिथि – दशमी प्रातः 08:18 तक, तत्पश्चात् एकादशी
वार – शुक्रवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – भरणी दोपहर 01:16 तक, तत्पश्चात् कृतिका
योग – सुकर्मा (सुवि) प्रातः 07:14 तक, तत्पश्चात् धृति अगले दिन (11 जुलाई) प्रातः 03:50 तक, तत्पश्चात् शूल
करण – विष्टि (भद्रा) प्रातः 08:18 तक, तत्पश्चात् बव शाम 06:55 तक, तत्पश्चात् बालव
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 05:23 AM
सूर्यास्त – 07:10 PM
चन्द्रोदय – अगले दिन (11 जुलाई) 01:41 AM
चन्द्रास्त – 03:01 PM
चन्द्र राशि – मेष शाम 06:45 PM तक, तत्पश्चात् वृषभ
अभिजित मुहूर्त – 11:49 AM से 12:44 PM तक
विजय मुहूर्त – 02:34 PM से 03:29 PM तक (दुर्मुहूर्त/राहुकाल रहित काल गणनानुसार)
अशुभ काल
राहुकाल – 10:33 AM से 12:16 PM तक
यमगण्ड – 05:19 PM से 06:15 PM तक
गुलिक काल – 07:06 AM से 08:50 AM तक
दुर्मुहूर्त – 08:08 AM से 09:04 AM तक एवं 12:44 PM से 01:39 PM तक
वर्ज्यम् – 03:43 PM से 05:26 PM तक
शुभ चौघड़िया
चर – 05:23 AM से 07:06 AM तक
लाभ – 07:06 AM से 08:50 AM तक
अमृत – 08:50 AM से 10:33 AM तक
शुभ – 12:16 PM से 02:00 PM तक
दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – पश्चिम
यात्रा उपाय – शुक्रवार को पश्चिम दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो राई (सरसों) या जौ खाकर अथवा शीशा (दर्पण) देखकर प्रस्थान करें।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग योगिनी एकादशी व्रत (स्मार्त)
आज दशमी तिथि प्रातः 08:18 पर समाप्त होकर एकादशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। जिसके चलते आषाढ़ कृष्ण पक्ष की परम कल्याणकारी ‘योगिनी एकादशी’ का व्रत रखा जाएगा। भगवान नारायण (विष्णु) की आराधना का यह महापर्व समस्त पापों के क्षय और जीवन में सुख-समृद्धि का संचार करने वाला है।
भरणी नक्षत्र का प्रभाव
दोपहर 01:16 तक भरणी नक्षत्र रहेगा, जिसके स्वामी यमराज और अधिपति ग्रह शुक्र हैं। यह नक्षत्र न्याय, शुद्धता और बड़े बदलावों का कारक है। दोपहर के बाद कृतिका नक्षत्र के आने से तेज और पराक्रम में वृद्धि होगी।
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज प्रातः काल 08:18 तक भद्रा (विष्टि करण) का प्रभाव रहेगा, अतः इस समय तक कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य आरंभ न करें। शाम 06:45 तक चन्द्रमा मेष राशि में रहेंगे, जिससे मानसिक स्फूर्ति बनी रहेगी, तत्पश्चात् चन्द्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में प्रवेश कर जाएंगे जो आर्थिक और पारिवारिक स्थिरता के लिए उत्तम संयोग बनाएगा।

आज का राशिफल – 10 जुलाई 2026 (शुक्रवार)
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
शाम तक चन्द्रमा आपकी राशि में रहेंगे, जिससे सोचे हुए कार्यों में गति आएगी। व्यापार में लाभ और कार्यक्षेत्र में आपकी पूछ-परख बढ़ेगी। शाम के बाद धन आगमन के मजबूत योग बनेंगे।
उपाय – माता लक्ष्मी को सफेद मिठाई का भोग लगाएं।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
दिन के पूर्वार्ध में दौड़भाग और अनावश्यक खर्चों से मन खिन्न रह सकता है। धैर्य रखें, शाम को चन्द्रमा के आपकी राशि में आते ही मानसिक तनाव दूर होगा और अटके काम पूरे होंगे।
उपाय – छोटी कन्याओं को मिश्री या खीर खिलाएं।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
आज का दिन आर्थिक रूप से अत्यंत लाभकारी रहेगा। पुराने निवेश से बड़ा मुनाफा मिल सकता है। मित्रों और बड़े भाई-बहनों का सहयोग आपको नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
उपाय – भगवान विष्णु के मंदिर में कपूर जलाएं।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
नौकरी और व्यवसाय के क्षेत्र में आज शानदार सफलता मिलने के योग हैं। अधिकारी वर्ग आपके काम की सराहना करेगा। पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में सकारात्मक समाचार मिलेगा।
उपाय – शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल अर्पित करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
भाग्य आज आपका पूरा साथ देगा। धार्मिक यात्रा या किसी मांगलिक कार्य की रूपरेखा बनेगी। विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
उपाय – मस्तक पर सफेद चंदन का तिलक लगाएं।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज सेहत के प्रति विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। वाहन चलाते समय सतर्क रहें। शाम के बाद स्थितियां काफी अनुकूल हो जाएंगी और भाग्य का सहयोग मिलने लगेगा।
उपाय – श्री सूक्त का पाठ करें।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
दाम्पत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। साझेदारी के व्यवसाय में बड़ा आर्थिक लाभ होने की संभावना है। सामाजिक जीवन में आपकी प्रतिष्ठा और मान-सम्मान में वृद्धि होगी।
उपाय – शुक्रवार के दिन गुलाबी रंग के वस्त्र धारण करें।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
प्रतिद्वंद्वियों और शत्रुओं पर आपकी विजय सुनिश्चित होगी। कोर्ट-कचहरी के मामलों में राहत मिल सकती है। स्वास्थ्य में थोड़ा उतार-चढ़ाव संभव है, खानपान पर नियंत्रण रखें।
उपाय – लक्ष्मी नारायण जी को गुलाब का इत्र अर्पित करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
संतान पक्ष से कोई शुभ समाचार मिल सकता है। बुद्धि और चातुर्य से कठिन से कठिन कार्य भी आसानी से हल कर लेंगे। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी।
उपाय – विष्णु सहस्रनाम का श्रवण या पाठ करें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
घर-परिवार में सुख-सुविधाओं की वृद्धि होगी। भूमि, भवन या वाहन की खरीदारी के योग बन रहे हैं। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। कार्यक्षेत्र में दिन सामान्य रहेगा।
उपाय – जरूरतमंदों को सफेद अन्न (चावल, चीनी) का दान करें।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आपके पराक्रम और साहस में वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों का सहयोग कार्यक्षेत्र में मददगार साबित होगा। छोटी लेकिन अत्यंत लाभकारी व्यावसायिक यात्राएं हो सकती हैं।
उपाय – भगवान शिव को अक्षत (साबुत चावल) चढ़ाएं।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज वाणी में सौम्यता बनाए रखें, इससे धन लाभ के नए मार्ग खुलेंगे। पैतृक व्यवसाय से जुड़े लोगों को बड़ा मुनाफा हो सकता है। परिवार में उत्सव जैसा माहौल रहेगा।
उपाय – कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें।
॥ शुभम भवतु ॥


