7 जून 2026 का वैदिक पंचांग और राशिफल

आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री
वैदिक ज्योतिष, धर्मनिर्णय एवं कर्मकांड विशेषज्ञ।
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 07 जून 2026, रविवार

कालगणना
सृष्टि संवत् – 1,95,58,85,127
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083 (अधिक ज्येष्ठ – रौद्र संवत्सर)
शक संवत् – 1948
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – उत्तरायण
ऋतु – ग्रीष्म

मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – अधिक ज्येष्ठ
पक्ष – कृष्ण
तिथि – सप्तमी रात्रि 10:19 तक, तत्पश्चात् अष्टमी
वार – रविवार

नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – शतभिषा रात्रि 04:36 तक, तत्पश्चात् पूर्वाभाद्रपद
योग – वैधृति प्रातः 06:24 तक, तत्पश्चात् विष्कंभ
करण – विष्टि (भद्रा) सुबह 10:15 तक, तत्पश्चात् वव रात्रि 10:19 तक

चंद्र गोचर
चन्द्रमा – कुंभ राशि में (पूरा दिन)

सूर्य, काल एवं मुहूर्त (फर्रुखाबाद स्थानीय समय)
सूर्योदय – 05:25
सूर्यास्त – 07:33
अभिजित मुहूर्त – दोपहर 11:59 से 12:46 तक
राहुकाल – सायं 04:30 से 06:00 तक
दिशाशूल – पश्चिम दिशा में (रविवार होने के कारण)

व्रत-पर्व एवं विशेष योग

  1. भद्रा (विष्टि करण): आज प्रातः काल से लेकर सुबह 10:15 तक भद्रा का प्रभाव रहेगा। भद्रा काल में मांगलिक कार्य वर्जित हैं, परंतु सुबह १०:१५ के बाद का समय अत्यंत शुद्ध और अनुकूल है।
  2. पंचक विचार: कुंभ राशि के चन्द्रमा के कारण पंचक का प्रभाव पूरे दिन रहेगा, जो आगामी बुधवार तक जारी रहेगा।
  3. शुभ मुहूर्त: सुबह 10:15 पर भद्रा समाप्त होने के बाद आज का दिन आभूषण निर्माण, मूल्यवान वस्तुओं के क्रय-विक्रय, नवीन अन्न भक्षण, शिल्प विद्या के आरंभ तथा भैषज्य सेवन (औषधि सेवन या चिकित्सा प्रारंभ करने) के लिए अत्यंत उत्तम और सिद्ध मुहूर्त है।

विशेष जानकारी
आज रविवार का दिन है और चन्द्रमा राहु के नक्षत्र शतभिषा में और शनि की राशि कुंभ में संचरण कर रहे हैं। सुबह के समय वैधृति योग और भद्रा होने से कोई भी नया अनुबंध सुबह १०:१५ से पहले न करें। इसके पश्चात् भगवान सूर्यनारायण की उपासना करने से मान-सम्मान और आरोग्यता की प्राप्ति होगी। रत्न व्यवसायियों के लिए आज का दिन दोपहर के बाद विशेष रूप से फलदायी रहेगा।

आज का राशिफल: 07 जून 2026, रविवार

मेष(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
एकादश भाव का चन्द्रमा आज आपको प्रचुर मात्रा में आर्थिक लाभ कराएगा। सुबह १०:१५ के बाद आभूषणों और मूल्यवान धातुओं के क्रय-विक्रय से बड़ा मुनाफा होगा। मित्रों और सहयोगियों के साथ संबंध प्रगाढ़ होंगे।
उपाय – तांबे के पात्र से सूर्य देव को अर्घ्य दें और गायत्री मंत्र का जप करें।

वृषभ(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
दशम भाव (कर्म भाव) का चन्द्रमा करियर में नए आयाम स्थापित करेगा। यदि आप नया व्यवसाय या शिल्प विद्या से जुड़ा कोई कार्य शुरू करना चाहते हैं, तो दोपहर का समय सर्वश्रेष्ठ है। पैतृक संपत्ति से लाभ के योग हैं।
उपाय – मां लक्ष्मी को मखाने की खीर का भोग लगाएं।

मिथुन(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
भाग्य भाव का चन्द्रमा आपके सोचे हुए कार्यों को गति देगा। यदि काफी समय से कोई स्वास्थ्य समस्या चल रही थी, तो आज नई औषधि (भैषज्य सेवन) शुरू करने के लिए दिन उत्तम है। धार्मिक यात्रा की योजना बनेगी।
उपाय – भगवान गणेश को संकट नाशन स्तोत्र सुनाएं और दूर्वा अर्पित करें।

कर्क(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
अष्टम भाव का चन्द्रमा होने से दिन के पूर्वार्ध में मानसिक चिंता रह सकती है। सुबह भद्रा काल में किसी भी प्रकार का पैसों का लेन-देन न करें। दोपहर बाद स्थिति नियंत्रण में आएगी। तकनीकी कार्यों से लाभ होगा।
उपाय – शिवलिंग पर जल अभिषेक करें और ‘ॐ नमः शिवाय’ का जप करें।

सिंह(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
सप्तम भाव का चन्द्रमा दाम्पत्य जीवन में मधुरता लाएगा। नए व्यापारिक अनुबंधों पर हस्ताक्षर करने के लिए दोपहर के बाद का समय उत्तम है। मूल्यवान वस्तुओं के व्यापार में आज अच्छी प्रगति देखने को मिलेगी।
उपाय – आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें और मस्तक पर केसर का तिलक लगाएं।

कन्या(टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
छठे भाव का चन्द्रमा शत्रुओं पर आपकी विजय सुनिश्चित करेगा। यदि कोई पुराना विवाद चल रहा था, तो आज वह सुलझ सकता है। दोपहर के बाद आपके अटके हुए कार्य स्वतः बनने लगेंगे। स्वास्थ्य में सुधार होगा।
उपाय – गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें और गाय को गुड़-चना खिलाएं।

तुला(रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
पंचम भाव का चन्द्रमा विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए उत्कृष्ट परिणाम देगा। रत्न व्यवसाय और परामर्श (Consultancy) के क्षेत्र से जुड़े जातकों को दोपहर के बाद उत्तम वित्तीय लाभ होने की संभावना है।
उपाय – श्रीसूक्त का पाठ करें और किसी मंदिर में लाल चंदन का दान करें।

वृश्चिक(तो, ना, नी, nू, ने, नो, या, यी, यू)
चतुर्थ भाव का चन्द्रमा सुख-साधनों में वृद्धि कराएगा। यदि आप कोई नया वाहन या भूमि खरीदने का विचार कर रहे हैं, तो दोपहर के बाद बहीखाता या अग्रिम भुगतान करना शुभ रहेगा। माता का पूर्ण सहयोग मिलेगा।
उपाय – हनुमान चालीसा का पाठ करें और बंदरों को केला या चना खिलाएं।

धनु(ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
तृतीय भाव का चन्द्रमा आपके पराक्रम को बढ़ाएगा। नए अन्न का भक्षण करने या किसी नए कार्य की शुरुआत के लिए आज का दिन श्रेष्ठ है। भाई-बहनों के साथ मिलकर की गई व्यावसायिक योजनाएं सफल होंगी।
उपाय – विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें और मस्तक पर पीला चंदन लगाएं।

मकर(भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
द्वितीय भाव का चन्द्रमा संचित धन में वृद्धि कराएगा। आभूषण निर्माण और स्वर्ण की खरीददारी के लिए दोपहर का समय अत्यंत लाभकारी है। वाणी के प्रभाव से आज समाज और परिवार में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा।
उपाय – शनि देव के सम्मुख सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

कुंभ(गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
चन्द्रमा आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं, जिससे आपकी निर्णय क्षमता और बौद्धिक स्तर बहुत ऊंचा रहेगा। शिल्प विद्या और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े जातकों को आज कोई बड़ी सफलता मिल सकती है। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा।
उपाय – बजरंग बाण का पाठ करें और पक्षियों को दाना डालें।

मीन(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
द्वादश भाव का चन्द्रमा होने से दिन के पूर्वार्ध में खर्चों की अधिकता रह सकती है। दोपहर के बाद दूरगामी लाभ के सौदे हाथ आ सकते हैं। किसी भी कीमती वस्तु का क्रय-विक्रय दोपहर के अभिजित मुहूर्त में करना हितकर रहेगा।
उपाय – नारायण कवच का पाठ करें और किसी बुजुर्ग ब्राह्मण का आशीर्वाद लें।

शुभम भवतु।

Samvad 24 Office
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