16 मई 2026 का वैदिक पंचांग एवं विस्तृत राशिफल
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आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री (वैदिक ज्योतिष, कर्मकांड एवं धर्मनिर्णय विशेषज्ञ)।
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 16 मई 2026, शनिवार
कालगणना
सृष्टि संवत् – 1,95,58,85,127
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083 (रौद्र संवत्सर)
शक संवत् – 1948
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – उत्तरायण
ऋतु – ग्रीष्म
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – ज्येष्ठ
पक्ष – कृष्ण
तिथि – अमावस्या (पूरा दिन)
वार – शनिवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – भरणी सायं 05:30 तक, तत्पश्चात् कृत्तिका
योग – अतिगण्ड दोपहर 01:25 तक, तत्पश्चात् सुकर्मा
करण – चतुष्पाद रात्रि 08:35 तक, तत्पश्चात् नागव
चंद्र गोचर
चन्द्रमा – मेष राशि में (पूरा दिन)
सूर्य, काल एवं मुहूर्त (फर्रुखाबाद स्थानीय समय)
सूर्योदय – 05:34
सूर्यास्त – 07:17
अभिजित मुहूर्त – दोपहर 11:58 से 12:45 तक
राहुकाल – प्रातः 09:00 से 10:30 तक
दिशाशूल – पूर्व दिशा में (शनिवार होने के कारण)
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
वट सावत्री व्रत (अमावस्या पक्ष): सौभाग्यवती स्त्रियां आज अपने पति की दीर्घायु के लिए वट वृक्ष का पूजन और व्रत रखेंगी।
शनैश्चरी अमावस्या व शनि जयंती: आज ज्येष्ठ अमावस्या और शनिवार का महासंयोग है। इसे ‘शनैश्चरी अमावस्या’ कहा जाता है। साथ ही आज ‘शनि जयंती’ का पावन पर्व भी है। शनि दोष, साढेसाती और ढैय्या की शांति के लिए आज का दिन वर्ष का सबसे श्रेष्ठ दिन है।
विशेष जानकारी
आज का दिन पितृ कार्य (तर्पण-श्राद्ध) और दान-पुण्य के लिए अक्षय फलदायी है। चन्द्रमा मेष राशि और भरणी नक्षत्र में रहेंगे, जो भौतिक सुखों के प्रति आकर्षण और संघर्ष के बाद सफलता का संकेत देते हैं। शनिवार को अमावस्या होने से ‘पितृ दोष’ की शांति के लिए पीपल के वृक्ष के नीचे दीप दान और काले तिल का अर्पण अत्यंत प्रभावी रहेगा। सायंकाल के समय हनुमान चालीसा या शनि चालीसा का पाठ विशेष कल्याणकारी रहेगा।

आज का राशिफल: 16 मई 2026, शनिवार
मेष(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
चन्द्रमा आपकी राशि में होने से मानसिक चंचलता रह सकती है। शनि जयंती पर आपके लिए धैर्य बनाए रखना आवश्यक है। व्यापारिक निर्णय सोच-समझकर लें। परिवार में किसी मांगलिक चर्चा से मन उत्साहित रहेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
उपाय – शनि देव को सरसों का तेल और काले तिल अर्पित करें।
वृषभ(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज खर्चों की अधिकता रहेगी, विशेषकर धार्मिक कार्यों या दान-पुण्य में धन व्यय होगा। बाहरी संपर्कों से लाभ तो होगा लेकिन भागदौड़ अधिक रहेगी। अनिद्रा या आंखों की समस्या परेशान कर सकती है। आध्यात्मिक शांति के लिए समय निकालें।
उपाय – सुंदरकांड का पाठ करें और हनुमान जी को चोला चढ़ाएं।
मिथुन(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
आय के नए मार्ग प्रशस्त होंगे। पुराने अटके हुए धन की प्राप्ति शनि जयंती के शुभ अवसर पर हो सकती है। मित्रों और बड़े भाई-बहनों का सहयोग करियर में नई दिशा देगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।
उपाय – शनि चालीसा का पाठ करें और काले कुत्तों को रोटी खिलाएं।
कर्क(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
कार्यक्षेत्र में आज आपकी मेहनत का लोहा माना जाएगा। अधिकारियों से सराहना प्राप्त होगी। व्यापार में किसी नई योजना को क्रियान्वित करने के लिए दिन उत्तम है। माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा और घर का वातावरण सुखद रहेगा।
उपाय – पीपल के वृक्ष के नीचे तेल का चौमुखी दीपक जलाएं।
सिंह(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
भाग्य आज आपका पूर्ण साथ देगा। धार्मिक यात्रा या किसी सिद्ध स्थल के दर्शन का योग बनेगा। उच्च शिक्षा की दिशा में किए गए प्रयास सफल होंगे। समाज के वरिष्ठ लोगों से मार्गदर्शन मिलेगा जिससे आत्मबल बढ़ेगा।
उपाय – आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें और काली वस्तुओं का दान करें।
कन्या(टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज का दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें। अचानक कोई खर्च सामने आ सकता है। हालांकि, ससुराल पक्ष से सहयोग मिलने की संभावना है। गुप्त विद्याओं और ज्योतिष में रुचि बढ़ेगी।
उपाय – महामृत्युंजय मंत्र का जप करें और पक्षियों को सात प्रकार का अनाज खिलाएं।
तुला(रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
दाम्पत्य जीवन में सुख और सामंजस्य बना रहेगा। साझेदारी के व्यापार में पारदर्शिता रखें, लाभ होगा। नए व्यापारिक प्रस्ताव मिल सकते हैं। जनसंपर्क बढ़ेगा और आप अपनी छवि को सुधारने में सफल रहेंगे।
उपाय – माँ लक्ष्मी की उपासना करें और शनि मंदिर में दीप दान करें।
वृश्चिक(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
शत्रुओं और विरोधियों पर आपकी विजय निश्चित है। पुराने रोगों से मुक्ति मिलेगी। कानूनी मामलों में पक्ष मजबूत रहेगा। ऋण संबंधी समस्याओं का समाधान निकलेगा। कार्यस्थल पर सहकर्मियों का पूर्ण समर्थन प्राप्त होगा।
उपाय – हनुमान जी को सिंदूर और गुड़ का भोग लगाएं।
धनु(ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
विद्यार्थियों के लिए आज का दिन उत्तम है। संतान की ओर से शुभ समाचार मिलेगा। प्रेम संबंधों में गंभीरता आएगी। कला और लेखन के क्षेत्र में आपकी प्रतिभा की सराहना होगी। आकस्मिक लाभ के योग बने हुए हैं।
उपाय – भगवान विष्णु को पीला चंदन लगाएं और शनि स्तोत्र का पाठ करें।
मकर(भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
घरेलू सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। भूमि-भवन संबंधी कार्यों में सफलता मिलेगी। माता का आशीर्वाद आपके लिए कवच का कार्य करेगा। कार्यक्षेत्र में एकाग्रता बनाए रखें, सफलता निश्चित है। संचित धन में वृद्धि होगी।
उपाय – शनि देव के ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र की एक माला जपें।
कुंभ(गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी। भाई-बहनों का सहयोग आपको मानसिक संबल प्रदान करेगा। संचार और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों को आज विशेष उपलब्धि मिल सकती है। छोटी दूरी की यात्रा फलदायी रहेगी।
उपाय – बजरंग बाण का पाठ करें और गरीबों को भोजन कराएं।
मीन(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आर्थिक स्थिति अत्यंत मजबूत होगी। वाणी की मधुरता से आप कठिन कार्यों को भी आसानी से सुलझा लेंगे। परिवार में उत्सव का माहौल रहेगा। आभूषणों या रत्नों की खरीदारी के लिए दिन शुभ है। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा।
उपाय – गुरुदेव का आशीर्वाद लें और पीपल में कच्चा दूध मिश्रित जल चढ़ाएं।
शुभम भवतु।

