एम्स्टर्डम में पीएम मोदी का भव्य स्वागत, भारत-नीदरलैंड संबंधों को नई ऊंचाई देने की तैयारी
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संवाद 24 नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के दौरे के दूसरे चरण में नीदरलैंड पहुंच गए, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस महत्वपूर्ण दौरे को भारत और नीदरलैंड के बीच रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। पीएम मोदी का यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है जब भारत और यूरोपीय देशों के बीच व्यापार, निवेश और नई तकनीकों को लेकर सहयोग तेजी से बढ़ रहा है।
एयरपोर्ट पर दिखा भारतीय समुदाय का उत्साह
एम्स्टर्डम पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत डच विदेश मंत्री टॉम बेरेंडसन, भारत के राजदूत कुमार तुहिन और कई वरिष्ठ अधिकारियों ने किया। एयरपोर्ट पर भारतीय समुदाय के लोगों में भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कई लोगों ने भारतीय झंडे लहराते हुए “मोदी-मोदी” के नारे लगाए और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए उनका अभिनंदन किया।
डच नेतृत्व के साथ होंगी अहम बैठकें
प्रधानमंत्री मोदी इस दौरे के दौरान नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके अलावा वह डच शाही परिवार के सदस्य राजा विलेम-अलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा से भी मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि इन बैठकों में व्यापार, रक्षा, सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, स्वच्छ ऊर्जा, जल प्रबंधन और नई तकनीकों जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी।
तेजी से मजबूत हो रहे हैं द्विपक्षीय संबंध
भारत और नीदरलैंड के संबंध पिछले कुछ वर्षों में तेजी से मजबूत हुए हैं। दोनों देशों के बीच पारंपरिक व्यापारिक संबंधों के साथ-साथ अब रक्षा, इनोवेशन और डिजिटल टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ा है। नीदरलैंड यूरोप में भारत के बड़े व्यापारिक साझेदारों में शामिल है और भारतीय कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार माना जाता है।
पीएम मोदी ने साझा किया दौरे का विजन
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर भी अपने दौरे को लेकर उत्साह व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा भारत और यूरोप के बीच बढ़ते संबंधों को और मजबूती देने का अवसर है। पीएम मोदी ने विशेष रूप से सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों को भविष्य की साझेदारी का प्रमुख आधार बताया।
सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी पर रहेगा फोकस
जानकारों का मानना है कि इस यात्रा का सबसे बड़ा फोकस टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन को लेकर हो सकता है। दुनिया में सेमीकंडक्टर की बढ़ती मांग और वैश्विक आपूर्ति संकट के बीच भारत और नीदरलैंड नई संभावनाओं पर काम कर सकते हैं। इसके अलावा ग्रीन एनर्जी और क्लाइमेट चेंज से जुड़ी साझेदारी भी दोनों देशों के एजेंडे में प्रमुख रूप से शामिल है।
भारतीय समुदाय से भी करेंगे संवाद
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा केवल सरकारी बैठकों तक सीमित नहीं रहेगा। वह भारतीय समुदाय के लोगों से भी संवाद करेंगे। नीदरलैंड में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं और दोनों देशों के सांस्कृतिक रिश्तों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। भारतीय समुदाय के लोगों ने पीएम मोदी के स्वागत के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया।
यूएई दौरे के बाद यूरोप मिशन पर पीएम मोदी
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी संयुक्त अरब अमीरात के दौरे पर थे, जहां भारत और यूएई के बीच रक्षा, ऊर्जा और निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौते हुए। अब यूरोप के इस चरण में भारत की कोशिश रणनीतिक साझेदारी और आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने की है। पीएम मोदी के इस पांच देशों के दौरे में नीदरलैंड के अलावा स्वीडन, नॉर्वे और इटली भी शामिल हैं।
वैश्विक कूटनीति में भारत की बढ़ती ताकत
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत अपने अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और मजबूत करने की रणनीति पर तेजी से काम कर रहा है। ऐसे में पीएम मोदी की यह यात्रा भारत की वैश्विक कूटनीति और आर्थिक विस्तार के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। आने वाले दिनों में इस दौरे से कई बड़े निवेश और तकनीकी समझौतों की उम्मीद भी जताई जा रही है।






