तेल की कीमतों ने बढ़ाई जनता की चिंता! रातों-रात महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, आम आदमी पर पड़ेगा सीधा असर
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संवाद 24 नई दिल्ली। देशभर में बढ़ती महंगाई के बीच आम जनता को एक और बड़ा झटका लगा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी ने लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। राजधानी दिल्ली समेत कई शहरों में शुक्रवार से नई दरें लागू हो गई हैं, जिसके बाद पेट्रोल करीब 3.14 रुपये प्रति लीटर और डीजल 3.11 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को इस बढ़ोतरी की बड़ी वजह माना जा रहा है।
अचानक बढ़े दामों से लोगों की बढ़ी परेशानी
ईंधन की कीमतों में हुई इस तेजी का असर सीधे आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ने वाला है। पेट्रोल और डीजल के महंगे होने से परिवहन खर्च बढ़ेगा, जिसका असर सब्जियों, राशन, दूध और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है। पहले से महंगाई की मार झेल रहे लोगों के लिए यह फैसला चिंता बढ़ाने वाला माना जा रहा है। कई शहरों में लोगों ने रात में ही पेट्रोल पंपों पर पहुंचकर टैंक फुल करवाए ताकि बढ़ी हुई कीमतों का असर कुछ समय तक टाला जा सके।
पश्चिम एशिया संकट बना मुख्य कारण
विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, इसलिए वैश्विक बाजार में हलचल का सीधा असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ता है। हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं, जिससे तेल कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया। इसी कारण तेल विपणन कंपनियों ने ईंधन के दाम बढ़ाने का फैसला लिया।
तेल कंपनियों को हो रहा था भारी घाटा
जानकारी के मुताबिक सरकारी तेल कंपनियां लंबे समय से नुकसान झेल रही थीं। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी संकेत दिए थे कि कंपनियां रोजाना भारी घाटे में काम कर रही हैं और मौजूदा कीमतों को लंबे समय तक स्थिर रखना संभव नहीं होगा। बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों और घरेलू स्तर पर नियंत्रित दरों के कारण कंपनियों पर हजारों करोड़ रुपये का दबाव बन गया था। ऐसे में दाम बढ़ाना लगभग तय माना जा रहा था।
महानगरों में नए रेट लागू
नई कीमतें लागू होने के बाद दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई समेत देश के कई बड़े शहरों में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ गए हैं। दिल्ली में पेट्रोल अब करीब 97 रुपये प्रति लीटर के आसपास पहुंच गया है, जबकि डीजल भी 90 रुपये प्रति लीटर के करीब बिक रहा है। अलग-अलग राज्यों में वैट और टैक्स के कारण कीमतों में अंतर देखने को मिल रहा है। कुछ राज्यों में पहले से ही पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर से ऊपर बिक रहा था, अब वहां कीमतें और अधिक बढ़ सकती हैं।
आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है महंगाई
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो आने वाले समय में महंगाई और बढ़ सकती है। ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर बढ़ते खर्च का असर हर क्षेत्र में दिखाई देगा। खासकर किसानों, छोटे व्यापारियों और मध्यम वर्ग के लिए यह स्थिति मुश्किलें बढ़ा सकती है। कई अर्थशास्त्रियों का कहना है कि ईंधन की कीमतें बढ़ने से खाद्य पदार्थों और जरूरी सेवाओं की लागत भी बढ़ जाती है, जिससे आम नागरिकों की मासिक बजट व्यवस्था बिगड़ सकती है।
सरकार की नजर वैश्विक हालात पर
केंद्र सरकार और तेल कंपनियां लगातार अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया का तनाव कम होता है और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आती है तो भविष्य में राहत मिल सकती है। फिलहाल हालांकि आम जनता को बढ़ी हुई कीमतों के साथ ही अपनी जरूरतों का संतुलन बनाना होगा। आने वाले कुछ सप्ताह ईंधन बाजार और देश की अर्थव्यवस्था दोनों के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।






