RSS कोई पैरा-मिलिट्री संगठन नहीं, समाज को जोड़ने का कार्य करता है: मोहन भागवत

संवाद 24 भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने संघ को लेकर फैलाई जा रही धारणाओं पर खुलकर बात करते हुए कहा है कि RSS कोई पैरा-मिलिट्री संगठन नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो लोग संघ को पैरा-मिलिट्री कहते हैं, वे वास्तव में संघ को समझते ही नहीं हैं। भागवत ने कहा कि RSS का उद्देश्य समाज को जोड़ना, मजबूत करना और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है।

भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि संघ के स्वयंसेवक एक समान वर्दी पहनते हैं, अनुशासन में मार्च करते हैं और लाठी अभ्यास भी करते हैं, लेकिन सिर्फ इन्हीं बातों के आधार पर RSS को पैरा-मिलिट्री करार देना गलत सोच है। उन्होंने कहा कि RSS का स्वरूप और कार्यपद्धति पूरी तरह सामाजिक है, न कि सैन्य या अर्धसैनिक।

मोहन भागवत ने यह भी कहा कि आजकल लोग किसी विषय को गहराई से समझने के बजाय इंटरनेट और विकिपीडिया जैसी सतही जानकारियों पर निर्भर हो जाते हैं, जबकि वहां दी गई हर जानकारी सही हो, यह जरूरी नहीं। उन्होंने कहा कि जो लोग विश्वसनीय और प्रामाणिक स्रोतों से संघ को समझते हैं, वे इसके उद्देश्य और भूमिका को सही रूप में देख पाते हैं।

संघ प्रमुख ने आरोप लगाया कि RSS को लेकर जानबूझकर एक गलत नैरेटिव गढ़ा गया है, जिसके कारण संघ को बार-बार अपने विचार और कार्यों को स्पष्ट करना पड़ता है। इतिहास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत पर आक्रमण करने वाले अंग्रेज पहले नहीं थे। उनसे पहले भी कई बार बाहरी ताकतों ने भारत को हराया, जबकि वे न तो हमसे ज्यादा संपन्न थे और न ही श्रेष्ठ। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि समाज बिखरा हुआ था।

भागवत ने कहा कि देश की वास्तविक सुरक्षा तभी संभव है, जब समाज एकजुट हो। अगर लोग केवल अपने निजी हितों के बारे में सोचेंगे, तो देश कमजोर होगा। लेकिन जब समाज अच्छे मूल्यों के साथ संगठित रहेगा, तब कोई भी ताकत देश को कमजोर नहीं कर सकती।

Samvad 24 Office
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