
संवाद 24 नई दिल्ली। Election Commission of India द्वारा कराए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह की मसौदा मतदाता सूचियां जारी कर दी गई हैं। इस प्रक्रिया में चारों राज्यों/केंद्रशासित प्रदेश को मिलाकर लगभग 95 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर कर दिए गए हैं।
आयोग के अनुसार, यह कदम मतदाता सूचियों को अधिक सटीक, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। ड्राफ्ट सूची से हटाए गए नामों में मृत्यु, स्थानांतरण, दोहरे पंजीकरण और पात्रता से जुड़ी विसंगतियों के मामले शामिल हैं।
केरल में 24 लाख से अधिक नाम हटे
केरल में कुल 2.78 करोड़ से ज्यादा पंजीकृत मतदाताओं में से 24.08 लाख नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं पाए गए। राज्य में सत्यापन अभियान के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं की स्थिति में बदलाव दर्ज किया गया।
छत्तीसगढ़: 27.34 लाख नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर
छत्तीसगढ़ में कुल 2.12 करोड़ मतदाताओं में से 27.34 लाख नाम हटाए गए। एसआईआर रिपोर्ट के मुताबिक, 1.79 लाख से अधिक मतदाता एक से ज्यादा स्थानों पर पंजीकृत पाए गए, जो कुल मतदाताओं का लगभग एक प्रतिशत है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने बताया कि गणना चरण (4 नवंबर से 18 दिसंबर) में करीब 87 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने प्रपत्र जमा किए, जिससे प्रक्रिया में व्यापक भागीदारी दिखी।
मध्य प्रदेश में 42.74 लाख नाम हटे
मध्य प्रदेश में कुल 5.74 करोड़ मतदाताओं में से 42.74 लाख नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर किए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी। जिनका नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत पुनः शामिल होने के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिस पर मतदाता पंजीकरण अधिकारी निर्णय लेंगे।
अंडमान-निकोबार: 64 हजार नाम गायब
अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में 3.10 लाख पंजीकृत मतदाताओं में से करीब 64,000 नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं मिले। यहां भी सत्यापन के दौरान स्थानांतरण और अन्य कारण सामने आए।
आयोग की अपील
चुनाव आयोग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे ड्राफ्ट सूची में अपने नाम की जांच करें और यदि कोई त्रुटि या कमी हो तो निर्धारित समयसीमा में दावा-आपत्ति दर्ज कराएं, ताकि अंतिम सूची पूरी तरह शुद्ध और भरोसेमंद बनाई जा सके।






