
संवाद 24 महाराष्ट्र। आज के डिजिटल दौर में महंगे गैजेट्स और दिखावे की अंधी दौड़ किस कदर जिंदगियां लील रही है, इसका दिल दहला देने वाला मामला महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से सामने आया है। एक महंगे आईफोन को खरीदने और उसकी किस्त (EMI) चुकाने को लेकर घर में हुआ मामूली विवाद चंद घंटों में एक वीभत्स त्रासदी में बदल गया। 19 वर्षीय युवक की जिद के चलते पहले बेटे ने पहाड़ी से छलांग लगाई, उसे बचाने के प्रयास में पिता का संतुलन बिगड़ गया और दोनों गहरी खाई में जा गिरे। इसके बाद आंखों के सामने पति और बेटे को मरता देख बदहवास मां ने भी उसी पहाड़ी से कूदकर अपनी जान दे दी। महज कुछ ही मिनटों के भीतर पूरा परिवार हमेशा के लिए खत्म हो गया।
सुबह की कहासुनी और पहाड़ी पर ड्रामा
वालुज एमआईडीसी थाना क्षेत्र के अंतर्गत झाल्टा फाटा इलाके के रहने वाले मुरलीधर चांदगुडे (48 वर्ष) पेशे से ड्राइवर थे और परिवार में अकेले कमाने वाले सदस्य थे। उनका 19 वर्षीय बेटा कुणाल चांदगुडे पिछले कुछ समय से महंगा आईफोन खरीदने की जिद पर अड़ा हुआ था। आर्थिक तंगी और सीमित आय के कारण पिता द्वारा फोन दिलाने में असमर्थता जताने पर शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे घर में तीखी बहस हो गई। नाराज कुणाल गुस्से में घर से निकला और तीसगांव स्थित खतरनाक खवड्या पहाड़ी की चोटी पर चढ़ गया। पहाड़ी की खड़ी चट्टानों और नीचे सैकड़ों फीट गहरी खाई को देखते हुए जैसे ही परिजनों को इसकी भनक लगी, उसके पिता मुरलीधर और मां संगीता चांदगुडे बदहवास हालत में उसे ढूंढते हुए पहाड़ी पर पहुंच गए।
तीन घंटे तक समझाने की मशक्कत, बचाने में जुटी रही टीम
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीण, पूर्व सरपंच, वालुज थाने की पुलिस और फायर ब्रिगेड के जवान भी मौके पर पहुंच गए। करीब तीन घंटे तक कुणाल को नीचे उतारने के लिए हर मुमकिन कोशिश की गई। फायर ब्रिगेड की टीम ने पहाड़ी के नीचे सुरक्षा जाल बिछाने का प्रयास किया, लेकिन कुणाल लगातार चट्टानों पर अपनी जगह बदलता रहा। वहां मौजूद लोगों ने उसे समझाने की मिन्नतें कीं और यहां तक भरोसा दिलाया कि उसे नया फोन दिला दिया जाएगा, लेकिन वह जिद पर अड़ा रहा और किसी की सुनने को तैयार नहीं हुआ।
बचाने की कोशिश में गिरा पिता, सदमे में मां ने भी लगा दी छलांग
दोपहर करीब 1 बजे जब स्थिति और तनावपूर्ण हो गई, तो पिता मुरलीधर चांदगुडे अपने बेटे को समझाने और सुरक्षित खींचने के लिए उसके नजदीक पहुंचे। इसी दौरान कुणाल ने पहाड़ी के किनारे से नीचे छलांग लगाने की कोशिश की। मुरलीधर ने हवा में झूलते बेटे का हाथ पकड़कर उसे बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन भारी वजन और ढलान की वजह से उनका संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया। देखते ही देखते पिता-पुत्र दोनों सैकड़ों फीट नीचे गहरी खाई में गिर पड़े। अपनी आंखों के सामने पति और इकलौते बेटे को गिरते देख मां संगीता सदमे में आ गईं। पलक झपकते ही उन्होंने भी उसी चट्टान से नीचे छलांग लगा दी। खाई में गिरने से तीनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
इलाके में पसरा मातम, पुलिस जांच में जुटी
मौके पर मौजूद बचाव दल और ग्रामीणों की आंखों के सामने यह भयावह हादसा घटित हुआ, जिससे हर कोई स्तब्ध रह गया। पुलिस और रेस्क्यू टीम ने काफी मशक्कत के बाद खाई से तीनों के शवों को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एक महंगे फोन और दिखावे की सनक ने एक मेहनतकश परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया। यह हृदयविदारक घटना आज के समाज और युवाओं में बढ़ती भौतिकवादी लालसा व मानसिक अवसाद पर एक गंभीर सवालिया निशान छोड़ गई है।






