
संवाद 24 नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत पुलिस आयुक्त को दी गई प्रशासनिक शक्तियों को लेकर सोशल मीडिया और कुछ मीडिया माध्यमों पर चल रही भ्रामक खबरों और अफवाहों पर दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक रूप से स्थिति साफ कर दी है। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट और कड़े शब्दों में कहा है कि एनएसए शक्तियों का यह नवीनीकरण एक पूरी तरह से रूटीन प्रशासनिक प्रक्रिया (Routine Administrative Process) का हिस्सा है, जिसका हालिया CJP विरोध-प्रदर्शनों या किसी अन्य तात्कालिक घटनाक्रम से कोई संबंध नहीं है।
सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक दावों का पुलिस ने किया खंडन
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और कुछ मंचों पर यह दावा किया जा रहा था कि केंद्र सरकार और दिल्ली के उपराज्यपाल ने चल रहे सीजेपी (CJP) प्रदर्शनों को दबाने या उनसे निपटने के लिए दिल्ली पुलिस कमिश्नर को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत विशेषाधिकार दिए हैं। दिल्ली पुलिस ने इन दावों को पूरी तरह से तथ्यहीन, भ्रामक और संदर्भ से बाहर (out of context) बताया है। दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए बयान जारी करते हुए आम जनता और मीडिया से अपील की है कि वे ऐसे निराधार दावों पर विश्वास न करें। पुलिस का कहना है कि व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए समय-समय पर उठाए जाने वाले सामान्य प्रशासनिक कदमों को गलत तरीके से पेश करके भ्रम की स्थिति पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
हर तीन महीने में होने वाली एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया
दिल्ली पुलिस के आधिकारिक स्पष्टीकरण के अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत पुलिस कमिश्नर को निवारक हिरासत (Preventive Detention) की शक्तियां देना कोई नई या विशेष व्यवस्था नहीं है। यह प्रक्रिया बीते कई वर्षों से हर तीन महीने (त्रैमासिक) में नियमित रूप से दोहराई जाती है। कानूनी और प्रशासनिक ढांचे के तहत दिल्ली के उपराज्यपाल (Lt. Governor) द्वारा हर तीन महीने के चक्र में यह आदेश जारी किया जाता है। हालिया जारी किया गया आदेश भी इसी सामान्य संवैधानिक व्यवस्था का हिस्सा है।
प्रदर्शनों से बहुत पहले जारी हो चुका था यह आदेश
तथ्यों को स्पष्ट करते हुए दिल्ली पुलिस ने आंकड़े पेश किए, जिससे यह साबित होता है कि इस आदेश का विरोध-प्रदर्शनों से कोई लेना-देना नहीं है।
आदेश जारी होने की तारीख: यह रूटीन नवीनीकरण आदेश 7 जुलाई 2026 को ही प्रक्रिया में ला दिया गया था।
लागू होने की अवधि: यह आदेश 19 जुलाई 2026 से लेकर 18 अक्टूबर 2026 तक की अवधि के लिए लागू किया गया है।
CJP प्रदर्शनों से कोई संबंध नहीं: पुलिस प्रशासन ने रेखांकित किया कि जब यह फाइल प्रक्रिया में थी और आदेश जारी हुआ, तब CJP के प्रदर्शन शुरू भी नहीं हुए थे। इसके अलावा, हालिया प्रदर्शनों के संदर्भ में इस तरह का कोई विशेष अनुरोध पुलिस मुख्यालय की ओर से नहीं भेजा गया था।
शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता
राजधानी दिल्ली जैसे संवेदनशील और विशाल महानगर में जनसुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था और कानून का पालन सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली पुलिस प्रतिबद्ध है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और असामाजिक तत्वों से नागरिकों की सुरक्षा करना एक सतत जिम्मेदारी है। इसके लिए नियमित अंतराल पर प्रशासनिक शक्तियों को कानूनी ढांचे के अनुसार अद्यतन (update) किया जाता है। इसी क्रम में उपराज्यपाल द्वारा यह त्रैमासिक अधिसूचना दिल्ली गजट में जारी की जाती है। इसे किसी विशेष संगठन या छात्रों के लोकतांत्रिक प्रदर्शन के विरोध के रूप में देखना पूरी तरह से अनुचित और गलत है।
झूठी अफवाहों से बचने और सहयोग की अपील
दिल्ली पुलिस ने नागरिकों, विद्यार्थियों और मीडिया संस्थानों से जिम्मेदारी से व्यवहार करने का आग्रह किया है। पुलिस का कहना है कि बिना जांचे-परखे किसी भी सूचना को साझा न करें।
सरकार और दिल्ली पुलिस प्रशासन का उद्देश्य हमेशा से पारदर्शी व्यवस्था प्रदान करना और शहर में शांति व सद्भाव बनाए रखना रहा है। पुलिस ने यह भी आश्वासन दिया है कि राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद है और आम जनजीवन व यातायात सुचारू रूप से चल रहा है। किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।






