
संवाद 24 जम्मू-कश्मीर। बारमूला और उसके आस-पास के इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 3.6 मापी गई है। अचानक आए इन झटकों के कारण स्थानीय निवासियों में कुछ समय के लिए घबराहट का माहौल देखा गया, हालांकि राहत की बात यह है कि अभी तक इस घटना में किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान या संपत्तियों के क्षतिग्रस्त होने की कोई सूचना सामने नहीं आई है। प्रशासनिक अधिकारियों और मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, भूकंप के यह झटके हल्के थे। जैसे ही जमीन में कंपन महसूस हुआ, कुछ लोग एहतियात के तौर पर अपने घरों और दुकानों से बाहर खुले स्थानों की ओर निकल आए। आपदा प्रबंधन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से पैनिक न होने यानी अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
भूकंप का केंद्र और गहराई
वैज्ञानिक आंकड़ों के मुताबिक, इस भूकंप का केंद्र (Epicenter) बारमूला क्षेत्र के आसपास ही जमीन के भीतर था। भूकंप की गहराई कम होने के कारण सतह पर इसके झटके स्पष्ट रूप से महसूस किए गए। जम्मू-कश्मीर का यह पूरा क्षेत्र भूगर्भीय रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है और यह सिस्मिक ज़ोन (Seismic Zone) 4 और 5 के अंतर्गत आता है, जिसके कारण यहाँ समय-समय पर हल्के और मध्यम तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं।
प्रशासन की नजर, जान-माल सुरक्षित
स्थानीय जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने बारमूला और उसके नजदीकी ग्रामीण इलाकों से फीडबैक लिया है। सभी नियंत्रण कक्षों (Control Rooms) को सक्रिय कर दिया गया है। शुरुआती रिपोर्टों में सभी बुनियादी ढांचे, मकान और सरकारी इमारतें पूरी तरह सुरक्षित पाई गई हैं। पहाड़ी इलाकों में भी किसी प्रकार के भूस्खलन (Landslide) की खबर नहीं है, जिससे अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। भूवैज्ञानिकों का कहना है कि 3.6 तीव्रता के भूकंप आमतौर पर बड़े नुकसान का कारण नहीं बनते, लेकिन एहतियात बरतना हमेशा जरूरी होता है।






