
संवाद 24 छत्तीसगढ़। संदिग्ध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान के लिए सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस ने व्यापक सत्यापन अभियान शुरू कर दिया है। हाल ही में बीजापुर जिले में एक संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक के पकड़े जाने के बाद राज्य सरकार ने सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत किरायेदारों, अस्थायी बस्तियों और बाहरी राज्यों से आए लोगों के दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों को दिए गए विशेष निर्देश
राज्य के गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय की ओर से सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस स्थानीय प्रशासन के सहयोग से घर-घर जाकर दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है। जिन लोगों के पहचान संबंधी दस्तावेज संदिग्ध पाए जा रहे हैं, उनसे विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
सीमावर्ती राज्यों से आने वालों पर विशेष नजर
अधिकारियों के अनुसार पश्चिम बंगाल से छत्तीसगढ़ पहुंचे कुछ संदिग्ध लोगों की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं कोई व्यक्ति फर्जी पहचान पत्र या अन्य दस्तावेजों के आधार पर राज्य में तो नहीं रह रहा। पुलिस विभिन्न जिलों में स्थानीय निकायों और खुफिया इकाइयों के साथ मिलकर जानकारी जुटा रही है।
दस्तावेजों की होगी गहन जांच
अभियान के दौरान आधार कार्ड, राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और अन्य सरकारी दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। यदि किसी व्यक्ति के दस्तावेज संदिग्ध पाए जाते हैं या वह अपनी पहचान प्रमाणित नहीं कर पाता, तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह नियमानुसार और तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर सरकार का जोर
राज्य सरकार का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को मजबूत करना है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वैध दस्तावेजों के साथ रह रहे भारतीय नागरिकों या कानूनी रूप से निवास कर रहे विदेशी नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। कार्रवाई केवल संदिग्ध मामलों तक सीमित रहेगी।
जांच पूरी होने के बाद होगी अगली कार्रवाई
फिलहाल राज्यभर में सत्यापन अभियान जारी है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर संबंधित एजेंसियां आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाएंगी। प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि वे किरायेदारों और कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन अवश्य कराएं तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।






