कुदरत का महाप्रकोप: पूर्वोत्तर में सैलाब से हाहाकार और अरुणाचल में 5 जवान लापता; क्या यूपी-दिल्ली में भी गहराएगा जलप्रलय का संकट?

संवाद 24 नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में मानसून का उग्र और विनाशकारी रूप देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां पूर्वोत्तर भारत में मूसलाधार बारिश और बाढ़ की विभीषिका ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं दूसरी ओर उत्तर और मध्य भारत के मैदानी व पहाड़ी इलाकों में आसमान से आफत बरस रही है। अरुणाचल प्रदेश में अचानक आई भीषण बाढ़ के कारण सेना के शिविर को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसमें 5 सैन्यकर्मी लापता हो गए हैं। वहीं, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में अगले कुछ दिनों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश और आंधी-तूफान का कड़ा अलर्ट जारी किया है।

अरुणाचल प्रदेश में कुदरत का कहर: सेना के दो आश्रय स्थल बहे, बचाव कार्य तेज
पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश के दिबांग घाटी जिले से बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। यहां लगातार हो रही भारी बारिश के बाद नदी-नालों में उफान आ गया और अचानक आई फ्लैश फ्लड ने सेना के एक अग्रिम शिविर को अपनी चपेट में ले लिया। पानी का तेज बहाव इतना प्रचंड था कि जवानों के दो अस्थायी शेल्टर (आश्रय स्थल) पूरी तरह बह गए। इस दर्दनाक हादसे में 5 सैन्य जवान लापता बताए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और सेना की विशेष रेस्क्यू टीमों ने दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और लगातार हो रही बारिश के बीच सघन तलाश अभियान शुरू कर दिया है।

दिल्ली-एनसीआर में तूफानी हवाओं के साथ झमाझम बारिश की चेतावनी
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्र में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। राजधानी में अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव और मुख्य मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस व नगर निगम को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

उत्तर प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में महाअलर्ट: 70 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी सक्रियता के साथ बरस रहा है। मौसम वैज्ञानिकों ने राज्य के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी हिस्सों के 25 से अधिक जिलों में आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली और भारी बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है।
प्रमुख संवेदनशील जिले: मेरठ, मुजफ्फरनगर, नोएडा (गौतमबुद्ध नगर), अलीगढ़, मथुरा, आगरा, कानपुर, बिजनौर, सहारनपुर, शामली, बदायूं, शाहजहांपुर, इटावा, लखीमपुर खीरी, औरैया, जालौन, हमीरपुर, फिरोजाबाद, अयोध्या, बस्ती, बुलंदशहर, गाजीपुर, गोरखपुर, प्रयागराज और देवरिया।
तेज अंधड़ का खतरा: विभाग ने चेताया है कि कुछ इलाकों में हवा की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे पुराने पेड़ों, होर्डिंग्स और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने का खतरा है। किसानों और आम जनता को खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सख्त हिदायत दी गई है।

पहाड़ों पर भूस्खलन का खौफ: उत्तराखंड और हिमाचल में ऑरेंज अलर्ट
पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं। उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, पिथौरागढ़ और चंपावत जैसे पर्वतीय जिलों में लगातार हो रही बारिश के चलते चट्टानें खिसकने और सड़कें धंसने की घटनाएं बढ़ गई हैं। कई प्रमुख संपर्क मार्ग और चारधाम यात्रा के रास्ते मलबे की वजह से बाधित हुए हैं। प्रशासन ने नदियों के किनारे बसे गांवों को खाली कराने और संवेदनशील इलाकों में एसडीआरएफ (SDRF) तथा एनडीआरएफ (NDRF) की तैनाती बढ़ा दी है।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *