
संवाद 24 नई दिल्ली। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से लगी सीमा पर बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चलाने का दावा किया है। पाकिस्तान के अनुसार सुरक्षा बलों ने खुफिया जानकारी के आधार पर ज़मीनी कार्रवाई और लक्षित हवाई हमले किए, जिनमें 29 आतंकवादी मारे गए। इस कार्रवाई को हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में हुए आतंकी हमलों के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।
खुफिया सूचना के आधार पर शुरू हुआ अभियान
पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि अभियान सीमा से लगे उन ठिकानों पर केंद्रित था, जहाँ आतंकवादी संगठनों के छिपे होने की सूचना मिली थी। पहले ज़मीनी स्तर पर अभियान चलाया गया और इसके बाद संदिग्ध ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए गए। सरकार का दावा है कि इस कार्रवाई में 29 आतंकवादी मारे गए और उनके कई ठिकाने नष्ट कर दिए गए।
हालिया आतंकी घटनाओं के बाद लिया गया फैसला
पाकिस्तान के सूचना मंत्री ने बताया कि यह अभियान हाल के आतंकी हमलों की श्रृंखला के जवाब में शुरू किया गया। हाल ही में कराची में सुरक्षा बलों के एक महत्वपूर्ण परिसर पर हमला हुआ था, जिसमें सुरक्षाकर्मियों की जान गई थी। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा क्षेत्र में सक्रिय आतंकी नेटवर्क के खिलाफ व्यापक कार्रवाई का निर्णय लिया।
अफगानिस्तान के साथ बढ़ सकती है तनातनी
इस सैन्य कार्रवाई के बाद पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पहले से मौजूद तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि उसकी सीमा के पार कुछ आतंकी समूह सुरक्षित ठिकाने बनाकर पाकिस्तान में हमलों की साजिश रचते हैं। दूसरी ओर अफगानिस्तान की तालिबान सरकार इन आरोपों को लगातार खारिज करती रही है। ऐसे में इस अभियान का असर दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों पर भी पड़ सकता है।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी रहेगा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा पार सैन्य कार्रवाई से आतंकवादी गतिविधियों पर कुछ समय के लिए दबाव बढ़ सकता है, लेकिन यदि दोनों देशों के बीच संवाद मजबूत नहीं हुआ तो सीमा क्षेत्र में तनाव बना रह सकता है। दक्षिण एशिया की सुरक्षा स्थिति पहले से ही संवेदनशील है और ऐसे घटनाक्रम पूरे क्षेत्र की स्थिरता को प्रभावित कर सकते हैं।
आगे क्या होगा?
अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें पाकिस्तान और अफगानिस्तान की अगली रणनीति पर टिकी हैं। यदि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर बातचीत आगे नहीं बढ़ती, तो सीमा पर सैन्य गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। फिलहाल पाकिस्तान ने अपने अभियान को आतंकवाद के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई बताया है, जबकि अफगानिस्तान की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।






