
संवाद 24 नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Deal) को अंतिम रूप देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। दोनों देशों के मुख्य वार्ताकारों के बीच 1 जून से नई दिल्ली में चार दिवसीय बातचीत शुरू हो गई है। यह बैठक 4 जून तक चलेगी, जिसमें समझौते के कानूनी मसौदे और विभिन्न व्यापारिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। भारत और अमेरिका पिछले कई महीनों से द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement – BTA) को लेकर लगातार बातचीत कर रहे हैं। इस नई बैठक को समझौते के अंतिम चरण की प्रक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।
दोनों देशों के मुख्य वार्ताकार कर रहे नेतृत्व
इस दौर की वार्ता में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अमेरिका के मुख्य व्यापार वार्ताकार ब्रेंडन लिंच कर रहे हैं, जबकि भारतीय पक्ष की अगुवाई वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव और भारत के मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार दोनों देशों के अधिकारी समझौते के कानूनी ढांचे, बाजार पहुंच, गैर-टैरिफ बाधाओं, सीमा शुल्क प्रक्रियाओं और व्यापार सुविधा से जुड़े विषयों पर चर्चा कर रहे हैं।
फरवरी में तय हुआ था समझौते का ढांचा
भारत और अमेरिका ने फरवरी 2026 में एक संयुक्त बयान जारी कर अंतरिम व्यापार समझौते के प्रारंभिक ढांचे पर सहमति जताई थी। उसी ढांचे के आधार पर अब दोनों देश समझौते के विस्तृत कानूनी मसौदे को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। दोनों देशों ने यह भी स्पष्ट किया था कि अंतरिम समझौता भविष्य में होने वाले व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते की नींव बनेगा।
व्यापार और निवेश बढ़ाने पर जोर
वार्ता के दौरान बाजार पहुंच बढ़ाने, निवेश को प्रोत्साहन देने, व्यापारिक प्रक्रियाओं को आसान बनाने और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दोनों देश आपूर्ति श्रृंखला, आर्थिक सुरक्षा और व्यापार सुविधा के क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समझौता सफलतापूर्वक अंतिम रूप लेता है तो इससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध और मजबूत हो सकते हैं।
जल्द समझौते की उम्मीद
हाल के दिनों में अमेरिका की ओर से भी संकेत मिले हैं कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में पहुंच चुका है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने हाल ही में कहा था कि समझौते पर काम लगभग पूरा हो चुका है और इसे जल्द अंतिम रूप दिया जा सकता है। कई रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि दोनों देश आने वाले कुछ हफ्तों में समझौते पर महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज कर सकते हैं।
वैश्विक व्यापार पर भी रहेगी नजर
भारत और अमेरिका दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं। ऐसे में दोनों देशों के बीच होने वाला यह व्यापार समझौता केवल द्विपक्षीय व्यापार तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसका प्रभाव वैश्विक व्यापारिक समीकरणों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल नई दिल्ली में शुरू हुई चार दिवसीय वार्ता पर उद्योग जगत, निवेशकों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार विशेषज्ञों की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि दोनों देश अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में कितनी प्रगति हासिल कर पाते हैं।






