कड़ाके की ठंड में भी आतंकियों पर शिकंजा, बर्फीले पहाड़ों में सेना का सघन अभियान
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संवाद 24 जम्मू। जम्मू-कश्मीर में कड़ाके की ठंड और 40 दिन की चिल्लई कलां के बावजूद सुरक्षाबलों ने आतंकवाद के खिलाफ मोर्चा और तेज कर दिया है। किश्तवाड़ और डोडा जिलों के बर्फ से ढके, ऊंचे और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में सेना ने गश्त बढ़ाते हुए व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया है।
खुफिया आकलन के अनुसार जम्मू क्षेत्र में इस समय 30 से 35 पाकिस्तानी आतंकी सक्रिय बताए जा रहे हैं। लगातार सर्च ऑपरेशन और स्थानीय समर्थन कमजोर पड़ने के चलते ये आतंकी आबादी से दूर मध्य और ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों में शरण लेने की कोशिश कर रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षाबलों ने रणनीति में बदलाव करते हुए सर्दियों में भी आक्रामक कार्रवाई शुरू की है।
सूत्रों के अनुसार सेना ने ऊंची पहाड़ियों, जंगलों और घाटियों में अस्थायी बेस, निगरानी पोस्ट और गश्ती ग्रिड स्थापित कर नियमित पेट्रोलिंग शुरू कर दी है। पहले सर्दियों के मौसम में आतंकी गतिविधियों में कमी देखी जाती थी, लेकिन अब सेना ने प्रो-एक्टिव विंटर स्ट्रैटेजी अपनाते हुए आतंकियों को किसी भी हाल में सुरक्षित पनाह न लेने देने का संकल्प लिया है। इसके तहत स्पेशल विंटर वॉरफेयर यूनिट्स की भी तैनाती की गई है।
यह अभियान जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ, एसओजी, सिविल प्रशासन, वन विभाग और ग्राम रक्षा दल (वीडीजी) के साथ समन्वय में चलाया जा रहा है। आतंकियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन, थर्मल इमेजर, ग्राउंड सेंसर और रडार जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सुरक्षाबलों का स्पष्ट लक्ष्य आतंकियों को घेरकर निष्क्रिय करना और दुर्गम इलाकों में भी उन्हें छिपने का मौका न देना है।
सीमा से सटे इलाकों में भी चौकसी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक घने कोहरे, भीषण ठंड और दुर्गम इलाकों का फायदा उठाकर घुसपैठ की आशंका के इनपुट मिलने के बाद सेना, बीएसएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस पिछले दस दिनों से संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चला रही है। यह अभियान सीमा क्षेत्र के 80 से अधिक गांवों तक फैला हुआ है।
बीएसएफ सूत्रों का दावा है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद नुकसान झेलने के बावजूद पाकिस्तान ने एक बार फिर जम्मू क्षेत्र के सामने करीब 72 आतंकी लॉन्च पैड सक्रिय कर दिए हैं। इनमें से 12 लॉन्च पैड सियालकोट और जफरवाल सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास, जबकि लगभग 60 लॉन्च पैड नियंत्रण रेखा के समीप बताए जा रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि आने वाले कुछ हफ्तों में घुसपैठ की कोशिशें बढ़ सकती हैं। इसी आशंका के मद्देनजर एलओसी के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है तथा सभी सेक्टरों में निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि आतंकी सीमा के आसपास भी न पहुंच सकें।






