होलिका दहन और शवदाह पर सियासी तकरार, प्रदूषण बयान को लेकर सपा सांसद पर गिरिराज सिंह का पलटवार
Share your love

संवाद 24 डेस्क। दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर समाजवादी पार्टी के सांसद आर.के. चौधरी के बयान ने सियासी हलकों में तीखी बहस छेड़ दी है। चौधरी ने शवदाह और होलिका दहन को जहरीली हवा के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इनसे निकलने वाली गैसें वातावरण में ऑक्सीजन की खपत बढ़ाती हैं। उनके इस बयान पर भाजपा सांसद व केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कड़ा ऐतराज जताते हुए पलटवार किया है।
यूपी के मोहनलालगंज से सांसद आर.के. चौधरी ने कहा कि जब शव जलाए जाते हैं या होलिका दहन किया जाता है, तो उससे कार्बन डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी गैसें निकलती हैं, जो पर्यावरण के लिए नुकसानदेह हैं। उन्होंने दावा किया कि देश में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर गंभीरता की कमी है और इस दिशा में काम करने के तरीकों पर पुनर्विचार की जरूरत है।
न्यूज एजेंसी से बातचीत में चौधरी ने बताया कि वह स्वयं पर्यावरण मंत्री रह चुके हैं और उनका मानना है कि मौजूदा प्रयास सही दिशा में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि केवल पेड़ लगाने की बात करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि ऐसे उपायों पर जोर दिया जाना चाहिए, जिनसे ऑक्सीजन का स्तर बढ़े और हानिकारक गैसों का उत्सर्जन घटे। चौधरी के अनुसार, देशभर में शवदाह और त्योहारों के दौरान बड़े पैमाने पर आग जलने से प्रदूषण बढ़ता है, जिस पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए।
सपा सांसद के बयान पर भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि धार्मिक परंपराओं को प्रदूषण से जोड़ना अनुचित है और ऐसे बयान सामाजिक भावनाओं को आहत करते हैं। गिरिराज सिंह ने सपा सांसद की टिप्पणी को सनातन परंपराओं के खिलाफ बताते हुए उस पर आपत्ति जताई।
इस पूरे विवाद ने एक बार फिर पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक परंपराओं के बीच संतुलन को लेकर बहस तेज कर दी है। जहां एक ओर सपा सांसद पर्यावरणीय दृष्टिकोण से बदलाव की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भाजपा इसे आस्था और संस्कृति पर हमला मान रही है। फिलहाल यह मुद्दा राजनीतिक बयानबाजी का केंद्र बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।






