06 नवंबर 2026 का वैदिक पंचांग एवं राशिफल

वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 06 नवंबर 2026, शुक्रवार

कालगणना
युगाब्द – 5128 (कलि संवत्)
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – हेमंत

मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – आश्विन (अमांत), कार्तिक (पूर्णिमांत)
पक्ष – कृष्ण
तिथि – द्वादशी प्रातः 10:32 AM तक, तत्पश्चात् त्रयोदशी (धनतेरस)
वार – शुक्रवार

नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – हस्त अगले दिन (07 नवंबर) प्रातः 04:43 AM तक, तत्पश्चात् चित्रा
योग – विष्कम्भ अगले दिन (07 नवंबर) प्रातः 04:09 AM तक, तत्पश्चात् प्रीति
करण – तैतिल प्रातः 10:32 AM तक, तत्पश्चात् गर रात्रि 10:38 PM तक, तत्पश्चात् वणिज

सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 06:25 AM
सूर्यास्त – 05:25 PM
चन्द्रोदय – अगले दिन (07 नवंबर) 04:26 AM
चन्द्रास्त – दोपहर 03:26 PM
चन्द्र राशि – कन्या
अभिजित मुहूर्त – 11:33 AM से 12:17 PM तक
दिन काल – 10 घंटे 59 मिनट 58 सेकंड

अशुभ काल
राहुकाल – 10:32 AM से 11:55 AM तक
यमगण्ड – 02:40 PM से 04:02 PM तक
गुलिक काल – 07:47 AM से 09:10 AM तक
दुर्मुहूर्त – 08:37 AM से 09:21 AM तक एवं 12:17 PM से 01:01 PM तक
कुलिक – 08:37 AM से 09:21 AM तक
कालवेला / अर्द्धयाम – 02:29 PM से 03:13 PM तक
कंटक – 01:01 PM से 01:45 PM तक
यमघण्ट – 03:57 PM से 04:41 PM तक

शुभ चौघड़िया (दिन)
चर – 06:25 AM से 07:47 AM तक
लाभ – 07:47 AM से 09:10 AM तक
अमृत – 09:10 AM से 10:32 AM तक
शुभ – 11:55 AM से 01:17 PM तक
चर – 04:02 PM से 05:25 PM तक

दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – पश्चिम
यात्रा उपाय – शुक्रवार को पश्चिम दिशा की यात्रा टालने का प्रयास करें। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो राई (सरसों) या जौ खाकर अथवा दर्पण (शीशा) देखकर प्रस्थान करें।

व्रत-पर्व एवं विशेष योग
धनतेरस (धनत्रयोदशी) एवं यम दीपदान
आज कार्तिक कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि प्रातः 10:32 पर समाप्त होकर ‘त्रयोदशी’ तिथि प्रारंभ हो जाएगी। त्रयोदशी तिथि के प्रदोष काल में होने से आज दीपावली महापर्व का शुभारंभ ‘धनतेरस’ (धनत्रयोदशी) के रूप में होगा। आज भगवान धन्वंतरि, धन के देवता कुबेर और मां लक्ष्मी की पूजा के साथ-साथ सायंकाल अकाल मृत्यु से रक्षा हेतु दक्षिण दिशा में ‘यम दीपदान’ किया जाएगा। नवीन बर्तन, स्वर्ण-आभूषण एवं बही-खातों की खरीदारी अत्यंत शुभ रहेगी।

हस्त नक्षत्र का प्रभाव
दिन-रात चन्द्रमा के स्वामित्व वाले ‘हस्त नक्षत्र’ का प्रभाव रहेगा। जिसके स्वामी सविता (सूर्य) देव हैं। यह नक्षत्र हस्तकला, व्यापार, वित्तीय सौदों, आभूषण निर्माण व खरीदारी तथा सिद्धि दायक कार्यों के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है।

विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज चन्द्रमा बुध देव की स्वराशि कन्या में संचरण करेंगे। शुक्रवार का दिन, धनतेरस का पावन पर्व और हस्त नक्षत्र का मंगलकारी संयोग मां महालक्ष्मी की कृपा से व्यापारिक समृद्धि, नए निवेश व भौतिक सुख-संसाधनों में वृद्धि कराने वाला रहेगा।

आज का राशिफल – 06 नवंबर 2026 शुक्रवार

मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
षष्ठ भाव में चन्द्रमा शत्रुओं पर विजय दिलाएंगे। धनतेरस के दिन नई खरीदारी से मन प्रसन्न रहेगा। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों का भरपूर सहयोग मिलेगा।
उपाय – माता लक्ष्मी को खीर या सफेद मिठाई का भोग लगाएं।

वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
पंचम भाव में चन्द्रमा के प्रभाव से बौद्धिक क्षमता और निर्णय शक्ति मजबूत होगी। संतान पक्ष से प्रसन्नता मिलेगी। धनतेरस पर आभूषण या वाहन खरीदारी के उत्तम योग हैं।
उपाय – छोटी कन्याओं को मिश्री या फल भेंट करें।

मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
चतुर्थ भाव में चन्द्रमा गृह-सुख और भौतिक साधनों में वृद्धि करेंगे। माता का आशीर्वाद प्राप्त होगा। घर की साज-सज्जा और खरीदारी में समय बीतेगा।
उपाय – मां दुर्गा को लाल पुष्प या इत्र अर्पित करें।

कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
तृतीय भाव में चन्द्रमा आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि करेंगे। व्यापार में नए संपर्क लाभ देंगे। छोटे भाई-बहनों और मित्रों का सहयोग मिलेगा।
उपाय – शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल अर्पित करें।

सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
द्वितीय भाव में चन्द्रमा का गोचर संचित धन में वृद्धि कराएगा। परिवार में उत्सव जैसा माहौल रहेगा। अपनी मधुर वाणी से महत्वपूर्ण सौदे तय करेंगे।
उपाय – श्री सूक्त का पाठ करें और लक्ष्मी जी के समक्ष घी का दीपक जलाएं।

कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आपकी ही राशि में चन्द्रमा का संचरण आत्मविश्वास और मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि करेगा। धनतेरस पर आपकी योजनाएं सफल होंगी और आर्थिक लाभ मिलेगा।
उपाय – गौ माता को हरी घास या पालक खिलाएं।

तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
दिन में शुभ कार्यों और खरीदारी पर धन व्यय होगा। बाहरी संपर्कों से लाभ के अवसर मिलेंगे। मन में उत्साह और उमंग बनी रहेगी।
उपाय – शुक्रवार के दिन गुलाबी या सफेद वस्त्र धारण करें।

वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
एकादश भाव में चन्द्रमा आय के नए मार्ग खोलेंगे। पुराने निवेश से बड़ा मुनाफा हो सकता है। मित्रों के साथ मिलकर किए गए कार्यों में सफलता मिलेगी।
उपाय – कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें।

धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
दशम भाव में चन्द्रमा कार्यक्षेत्र में उन्नति और प्रतिष्ठा में वृद्धि करेंगे। व्यापार में नए अनुबंध और खरीदारी से लाभ होगा। अधिकारियों का सहयोग मिलेगा।
उपाय – भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की संयुक्त पूजा करें।

मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। धर्म, अध्यात्म और मांगलिक उत्सवों में सहभागिता बढ़ेगी। व्यावसायिक यात्राएं अत्यंत लाभकारी सिद्ध होंगी।
उपाय – जरूरतमंदों को सफेद अन्न (चावल, चीनी) का दान करें।

कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
स्वास्थ्य और खानपान के प्रति सतर्कता बरतें। धनतेरस के दिन धातु या बर्तन खरीदना विशेष फलदायी रहेगा। गूढ़ विद्याओं में रुचि बढ़ेगी।
उपाय – प्रदोष काल में यमराज के निमित्त चौमुखी दीपक जलाएं।

मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
सप्तम भाव में चन्द्रमा दांपत्य जीवन में मधुरता और प्रेम लाएंगे। साझेदारी के व्यापार में बड़ा आर्थिक लाभ होगा। जीवनसाथी के लिए खरीदारी करेंगे।
उपाय – महालक्ष्मी अष्टकम का पाठ करें।

॥ शुभम भवतु ॥

Samvad 24 Office
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