अयोध्या-काशी की तर्ज पर संवरेगी संकिसा नगरी, डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने किया कॉरिडोर का ऐलान

ऐतिहासिक बौद्ध तीर्थस्थल संकिसा को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा विजन सामने रखा है। सोमवार, 26 अक्टूबर को 86वें बुद्ध महोत्सव में शामिल होने पहुंचे उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने संकिसा को अयोध्या और काशी की तर्ज पर विकसित करने की घोषणा की। उन्होंने संकिसा कॉरिडोर, सड़क चौड़ीकरण और स्तूप परिसर के सौंदर्यीकरण के साथ मोहम्मदाबाद हवाई पट्टी के विस्तार की योजना का भी जिक्र किया। उनके इस ऐलान से स्थानीय स्तर पर पर्यटन, आवागमन और क्षेत्रीय विकास को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं।

बौद्ध स्तूप पर पूजा-अर्चना के बाद जनसभा को किया संबोधित

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत संकिसा पहुंचे। यहां उन्होंने ऐतिहासिक बौद्ध स्तूप पर दर्शन-पूजन किया और परिक्रमा की। इसके बाद धम्मालोको बुद्ध विहार परिसर में आयोजित बुद्ध महोत्सव के कार्यक्रम में भाग लेकर जनसभा को संबोधित किया। दो दिवसीय 86वें बुद्ध महोत्सव में देश के विभिन्न हिस्सों से बौद्ध भिक्षु और अनुयायी शामिल हुए। महोत्सव के दौरान भगवान बुद्ध की शिक्षाओं, बौद्ध परंपराओं और संकिसा की धार्मिक-ऐतिहासिक महत्ता पर जोर दिया गया।

संकिसा कॉरिडोर से बदलेगी तीर्थस्थल की तस्वीर

उपमुख्यमंत्री ने बौद्ध भिक्षुओं की मांगों का उल्लेख करते हुए संकिसा कॉरिडोर विकसित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि संकिसा को विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। योजना के तहत बौद्ध स्तूप तक पहुंचने वाली सड़क को दो लेन से चार लेन करने तथा आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण कराने की बात कही गई।

इस परियोजना से श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ स्थानीय कारोबार, परिवहन और पर्यटन से जुड़े रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है। हालांकि, परियोजना की लागत, निर्माण की समयसीमा और कार्य शुरू होने की आधिकारिक तारीख की विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है।

मोहम्मदाबाद हवाई पट्टी को लेकर भी बड़ी बात

अपने संबोधन में केशव प्रसाद मौर्य ने मोहम्मदाबाद स्थित हवाई पट्टी के विस्तार की योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हवाई पट्टी का विकास होने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर हो सकती है। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि अगली बार संकिसा आने पर वह सैफई हवाई पट्टी के बजाय मोहम्मदाबाद में उतरना चाहेंगे।

उनकी इस टिप्पणी को स्थानीय स्तर पर हवाई संपर्क और बुनियादी ढांचे के विकास की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, हवाई पट्टी के विस्तार की तकनीकी रूपरेखा, स्वीकृति और कार्ययोजना के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी की प्रतीक्षा है।

विपक्ष पर साधा निशाना, जनता से चुनाव में जवाब मिलने की कही बात

राजनीतिक मुद्दों पर बोलते हुए उपमुख्यमंत्री ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद दानिश अली की टिप्पणियों को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता राजनीतिक परिस्थितियों के कारण मर्यादा भूलकर बयानबाजी कर रहे हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई कथित टिप्पणियों पर नाराजगी जताते हुए मौर्य ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता भी कड़ा जवाब देने में सक्षम हैं, लेकिन वे संयम बनाए रखेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों का जवाब जनता चुनाव में देगी।

बौद्ध पर्यटन के नक्शे पर संकिसा को पहचान दिलाने की चुनौती

संकिसा बौद्ध परंपरा में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। बौद्ध मान्यता के अनुसार, भगवान गौतम बुद्ध से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं के कारण यह स्थल श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। यहां प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला बुद्ध महोत्सव देश-विदेश के बौद्ध अनुयायियों को आकर्षित करता है।

ऐसे में कॉरिडोर, चौड़ी सड़क और बेहतर बुनियादी सुविधाओं की घोषणाएं संकिसा के पर्यटन विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि इन घोषणाओं को कब तक ठोस परियोजनाओं में बदला जाता है और इनके लिए बजट, स्वीकृति तथा निर्माण की प्रक्रिया किस गति से आगे बढ़ती है।

Anuj Singh
Anuj Singh

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