
शहर की सदर कोतवाली में आधी रात उस समय हलचल मच गई, जब बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ता पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कोतवाली गेट पर पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने कोतवाली का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। अचानक बड़ी संख्या में लोगों के जुटने से देर रात तक पुलिस परिसर के बाहर गहमागहमी का माहौल बना रहा।
मारपीट के बाद हिरासत में लेने की सूचना से बढ़ा आक्रोश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दो पक्षों के बीच मारपीट की घटना के बाद पुलिस ने बजरंग दल से जुड़े एक कार्यकर्ता को हिरासत में लिया था। कार्यकर्ता को हिरासत में लिए जाने की खबर संगठन के अन्य सदस्यों तक पहुंची तो बड़ी संख्या में कार्यकर्ता आधी रात को सदर कोतवाली पहुंच गए। यहां उन्होंने पुलिस की कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी और कोतवाली का घेराव किया।
कई घंटे तक चला विरोध प्रदर्शन
कोतवाली गेट पर जुटे कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। रात के समय अचानक हुए इस विरोध प्रदर्शन से इलाके में हलचल बढ़ गई। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारे लगाए। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मारपीट की शुरुआत किन परिस्थितियों में हुई थी और घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे।
पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
इस घटनाक्रम के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि मारपीट के मामले में पुलिस ने संबंधित कार्यकर्ता को किन परिस्थितियों में हिरासत में लिया और संगठन के कार्यकर्ता इसके विरोध में आधी रात को कोतवाली पहुंचने के लिए क्यों लामबंद हुए। मामले में दोनों पक्षों की भूमिका और पुलिस की कार्रवाई को समझने के लिए घटना से जुड़े तथ्यों का सामने आना जरूरी है।
आधिकारिक बयान का इंतजार
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में पुलिस का विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। हिरासत में लिए गए कार्यकर्ता का नाम, मारपीट के मामले में दर्ज मुकदमे की स्थिति और विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इन बिंदुओं पर पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।






