
संवाद 24 जम्मू-कश्मीर। पहाड़ी और संवेदनशील रामबन जिले से एक दिल दहला देने वाली और रहस्यमयी घटना सामने आई है। मंगलवार की देर शाम बाटोट क्षेत्र के सना मार्ग पर सड़क किनारे खड़ी एक लावारिस कार के भीतर से जम्मू-कश्मीर पुलिस के दो जवानों के शव बरामद किए गए। एक साथ दो पुलिसकर्मियों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई इस मौत ने पूरे पुलिस महकमे, खुफिया एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है। घाटी के शांत समझे जाने वाले इस हिस्से में घटी इस वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था और जवानों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कार में अचेत मिले जवान, अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत
घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मिली जानकारी के अनुसार, बाटोट के सना इलाके में जियारत मोड़ के समीप एक कार काफी देर से लावारिस हालत में खड़ी देखी गई थी। जब स्थानीय राहगीरों और ग्रामीणों को कार के भीतर कोई हलचल नहीं दिखी, तो उन्हें शक हुआ। पास जाकर खिड़कियों से अंदर झांकने पर देखा गया कि आगे की सीटों पर दो वर्दीधारी जवान बेसुध हालत में पड़े हुए थे। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए तुरंत पुलिस को सूचना दी और जवानों को बचाने की उम्मीद में आनन-फानन में कार से बाहर निकालकर जिला अस्पताल रामबन पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों की टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद दोनों पुलिसकर्मियों को मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों का कहना था कि अस्पताल लाए जाने से पहले ही दोनों दम तोड़ चुके थे।
मृतकों की हुई पहचान, जिला पुलिस लाइंस में थे तैनात
अस्पताल प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा की गई शुरुआती पड़ताल में मृतकों की शिनाख्त कर ली गई है। मृतकों में हेड कांस्टेबल फरीद अहमद और सेलेक्शन ग्रेड कांस्टेबल मुहम्मद याकूब शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक, दोनों जवान रामबन की जिला पुलिस लाइंस (DPL) में पदस्थ थे और विभागीय ड्यूटी के सिलसिले में अक्सर क्षेत्र में तैनात रहते थे। महकमे के दो अनुभवी और निष्ठावान जवानों की अचानक इस तरह संदिग्ध हालत में मौत की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई।
हादसे, जहरखुरानी या आतंकी साजिश? हर पहलू पर गहन तफ्तीश
इस दोहरी मौत के पीछे की असली वजह क्या है, यह अब तक एक गहरा रहस्य बना हुआ है। प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दोनों पुलिसकर्मियों की जान किसी जहरीली गैस (जैसे कार के एसी से निकलने वाले कार्बन मोनोऑक्साइड के रिसाव) के दम घुटने से गई, उन्हें कोई जहरीला पदार्थ दिया गया, या फिर इसके पीछे किसी आपराधिक अथवा आतंकी साजिश का हाथ है। घटनास्थल पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भारी सुरक्षा बल और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम के साथ पहुंचे। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने कार के अंदर और आसपास के इलाके से उंगलियों के निशान, संदिग्ध तरल पदार्थ और अन्य जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। कार के शीशे, वेंटिलेशन सिस्टम और इंजन की स्थिति की भी तकनीकी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या गाड़ी के अंदर दम घुटने जैसी कोई परिस्थिति बनी थी।
इलाके में सुरक्षा कड़ी, फॉरेंसिक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घटना के सभी संभावित कोणों को ध्यान में रखकर विस्तृत कानूनी कार्रवाई और जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रखवा दिया गया है। डॉक्टरों के एक विशेष बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जा रही है, जिसकी विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों का आधिकारिक खुलासा हो सकेगा। इधर, जियारत मोड़ और आसपास के मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि यह जाना जा सके कि कार वहां किस समय पहुंची थी और क्या जवानों के साथ कोई तीसरा व्यक्ति भी मौजूद था। सना-बाटोट मार्ग पर सुरक्षा जांच बढ़ा दी गई है और पुलिस बल लगातार गश्त कर रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधिकारी बेहद सतर्कता से जांच आगे बढ़ा रहे हैं।






