
संवाद 24 हरदोई। हरदोई मेडिकल कॉलेज में ई-रिक्शा चालक के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। सुरक्षा गार्डों पर चालक को जबरन पकड़कर पुलिस सहायता केंद्र के अंदर ले जाने और वहां मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था और सहायता केंद्र की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने वीडियो के आधार पर मामले की जांच शुरू करने की बात कही है।
मामला कोतवाली देहात क्षेत्र के भूराटीकुर गांव निवासी ई-रिक्शा चालक विश्व मोहन बाजपेई से जुड़ा है। विश्व मोहन के मुताबिक, वह 14 सितंबर की देर रात सवारियां लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। सवारियों को उतारने के दौरान वहां तैनात सुरक्षा गार्डों ने उनसे ई-रिक्शा हटाने के लिए कहा।
रिक्शा हटाने को लेकर बढ़ा विवाद
चालक के आरोप के अनुसार, गार्डों ने उन्हें ई-रिक्शे से खींचकर नीचे उतार दिया और पकड़कर पुलिस सहायता केंद्र की ओर ले जाने लगे। पीड़ित का दावा है कि गार्ड उसे जबरन सहायता केंद्र के भीतर ले गए, जहां उसके साथ मारपीट की गई। घटना के बाद विश्व मोहन ने मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की। शिकायत के बाद उसे छोड़ दिया गया। अब ई-रिक्शा चालक ने संबंधित सुरक्षा गार्डों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, मारपीट के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
वीडियो में चालक को अंदर ले जाते दिखे गार्ड
घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आया है। वीडियो में कुछ सुरक्षा गार्ड एक व्यक्ति को पकड़कर पुलिस सहायता केंद्र की ओर ले जाते दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद उसे केंद्र के अंदर ले जाने का दृश्य भी नजर आता है। वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल उठाया जा रहा है कि किसी विवाद की स्थिति में सुरक्षा गार्डों की भूमिका क्या होनी चाहिए और किसी व्यक्ति को पुलिस सहायता केंद्र के भीतर ले जाने की प्रक्रिया क्या है। हालांकि वायरल वीडियो में मारपीट की पूरी घटना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है या नहीं, यह जांच का विषय है।
पुलिस वीडियो के आधार पर करेगी जांच
कोतवाली प्रभारी संजय त्यागी ने बताया कि वायरल वीडियो और शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जाएगी। जांच के दौरान घटना की परिस्थितियों, वीडियो की सत्यता और संबंधित लोगों के बयानों की पड़ताल की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। अस्पताल परिसर में मरीजों और उनके तीमारदारों के अलावा बड़ी संख्या में ई-रिक्शा और अन्य वाहन पहुंचते हैं। ऐसे में पार्किंग और वाहनों के आवागमन को लेकर विवाद की स्थिति बन सकती है, लेकिन किसी विवाद के दौरान सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों की कार्रवाई भी जांच के दायरे में आती है।
फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो और शिकायत के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विवाद किस परिस्थिति में शुरू हुआ, मारपीट हुई या नहीं और इसमें किसकी क्या भूमिका थी।






