
कन्नौज/ठठिया। उमर्दा विकासखंड की ठठिया न्याय पंचायत में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के स्थापना दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संगठन की सामाजिक भूमिका, हिंदू समाज की एकजुटता, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और युवाओं के सामने मौजूद चुनौतियों को लेकर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। विहिप की स्थापना 29 अगस्त 1964 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर हुई थी; संगठन की आधिकारिक जानकारी के अनुसार उसका प्रमुख उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करना, सेवा कार्यों को बढ़ावा देना और सामाजिक समरसता को मजबूत करना है।
धर्मांतरण पर रोक की मांग, सामाजिक विभाजन को लेकर जताई चिंता
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता क्षेत्र विशेष संपर्क प्रमुख अनिल जी ने धर्मांतरण पर रोक लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने समाज को जाति और वर्ग के आधार पर बांटने के प्रयासों को लेकर चिंता जताते हुए हिंदू समाज में आपसी एकता और जागरूकता बढ़ाने की बात कही। विहिप के आधिकारिक दस्तावेजों में भी सामाजिक समरसता को संगठन के प्रमुख कार्यक्षेत्रों में शामिल किया गया है।
35 करोड़ युवाओं के नशे की चुनौती का जिक्र
अनिल जी ने देश के युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को गंभीर सामाजिक चुनौती बताते हुए जागरूकता की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने युवाओं को सकारात्मक दिशा में जोड़ने और सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाने की बात कही। विहिप के हालिया स्थापना दिवस कार्यक्रमों में भी युवाओं, सामाजिक जागरूकता और सेवा गतिविधियों पर जोर दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
चार आश्रम व्यवस्था को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखने का आह्वान
वक्ताओं ने भारतीय परंपराओं और जीवन-पद्धति पर चर्चा करते हुए पाश्चात्य अवधारणाओं के बजाय भारतीय चार आश्रम व्यवस्था को समझने और उसके सामाजिक पक्ष पर विचार करने का आह्वान किया। साथ ही ज्योतिष शास्त्र और खगोल विज्ञान को भारतीय ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण विरासत बताते हुए सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण पर जोर दिया गया।
श्रीराम मंदिर से जोड़कर हिंदू परंपराओं की एकता का संदेश
कार्यक्रम में यह दावा भी सामने आया कि विश्वभर में हिंदुओं की लगभग 150 परंपराओं में से 126 परंपराओं का श्रीराम मंदिर निर्माण से जुड़ना सनातन एकता का उदाहरण है। इस विशिष्ट 150 और 126 के आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि विश्वसनीय ऑनलाइन स्रोतों से नहीं मिल सकी, इसलिए इसे समाचार में वक्ता द्वारा कही गई बात के रूप में ही दर्ज किया जाना चाहिए।
जाति-वर्ग के भेद से ऊपर उठकर समाज निर्माण पर जोर
कार्यक्रम में संगठन के मूल उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए कहा गया कि हिंदू समाज को संगठित, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना संगठन के प्रमुख लक्ष्यों में है। जाति, वर्ग और क्षेत्र के आधार पर होने वाले भेदभाव से ऊपर उठकर समरस समाज के निर्माण तथा सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिला मंत्री मिलन शुक्ला, उमेश वाजपेयी, विभाग संगठन मंत्री ऋषभ जी, योगेश कटियार, राजीव गुप्ता, अंकुर कटियार, शुभम कटियार, शिवप्रताप, शैलेंद्र जी, आलोक, अनु साईं(जिला संयोजक बजरंग दल कन्नौज), रविशंकर, मुखिया, गगन अग्निहोत्री और हेमू पटेल समेत बड़ी संख्या में हिंदू कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में वक्ताओं ने संगठन की गतिविधियों को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने और युवाओं को सामाजिक कार्यों से जोड़ने पर जोर दिया।
स्थापना दिवस को लेकर देशभर में कार्यक्रम
विहिप इस वर्ष अपने स्थापना दिवस के अवसर पर देशभर में कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार संगठन ने सामाजिक समरसता, जमीनी स्तर पर संपर्क और संगठन विस्तार को प्रमुख विषयों में रखा है। उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों में संगोष्ठी, सेवा कार्य, जागरूकता कार्यक्रम और सामाजिक संपर्क अभियान आयोजित किए जा रहे हैं।






