
संवाद 24 नई दिल्ली। देश की राजधानी में कानून-व्यवस्था को सीधी चुनौती देते हुए अपराधियों ने एक बार फिर सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया है। पूर्वी दिल्ली के भीड़भाड़ और संवेदनशील माने जाने वाले न्यू अशोक नगर इलाके में रविवार तड़के एक अज्ञात युवक की चाकुओं से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। यह खूनी वारदात क्षेत्रीय विधायक कुलदीप कुमार के स्थानीय कार्यालय और ठीक सामने स्थित दुर्गा मंदिर के निकट घटित हुई। मंदिर और जनप्रतिनिधि के दफ्तर के बाहर सरेआम हुई इस वारदात से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और स्थानीय नागरिकों में सुरक्षा को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
तड़के 5 बजे का सन्नाटा और गार्ड की बहादुरी
वारदात रविवार सुबह लगभग 5:00 बजे की है, जब सड़कों पर आवाजाही बेहद कम थी और आसपास की कॉलोनियों में सन्नाटा पसरा हुआ था। पास ही स्थित एक रिहायशी हाउसिंग सोसाइटी में तैनात सुरक्षा गार्ड ने सबसे पहले संदिग्ध हलचल देखी। प्रत्यक्षदर्शी गार्ड के अनुसार, दो हमलावर एक युवक को घेरकर खड़े थे और उन दोनों के हाथों में धारदार हथियार थे। कुछ ही पलों में दोनों हमलावरों ने युवक पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। गार्ड ने निडरता दिखाते हुए हमलावरों को ललकारा और पीड़ित को बचाने के लिए बीच-बचाव करने दौड़ा। हालांकि, सिर पर खून सवार हमलावरों ने उलटे सुरक्षा गार्ड पर ही हमला करने की कोशिश की और उसे जान से मारने की धमकी दी। स्थिति को भांपते हुए गार्ड ने तुरंत सुरक्षित दूरी बनाई और स्थानीय पुलिस नियंत्रण कक्ष को फोन कर वारदात की सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस, अस्पताल में दम तोड़ा
कंट्रोल रूम से मैसेज फ्लैश होते ही न्यू अशोक नगर थाना पुलिस और पीसीआर वैन तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची, तब तक हमलावर फरार हो चुके थे और पीड़ित सड़क पर खून से लथपथ तड़प रहा था। उसके शरीर पर सीने, पेट और गले के पास गहरे घाव थे, जिससे अत्यधिक मात्रा में खून बह चुका था। पुलिसकर्मियों ने आनन-फानन में घायल को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की टीम ने प्राथमिक जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, अत्यधिक रक्तस्राव और आंतरिक अंगों में गंभीर चोट लगने के कारण युवक को बचाया नहीं जा सका। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही फॉरेंसिक और स्पेशल टीम
वारदात की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) के विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से खून के नमूने, फिंगरप्रिंट्स और अन्य भौतिक साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक तौर पर मृतक की पहचान स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की शिकायतों की पड़ताल की जा रही है और स्थानीय निवासियों से भी पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही विधायक कार्यालय, मंदिर परिसर और आसपास की हाउसिंग सोसायटियों के बाहर लगे तमाम सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की रिकॉर्डिंग जब्त कर ली गई है। फुटेज में हमलावरों के भागने के रूट और उनके हुलिए का सुराग तलाशा जा रहा है।
रंजिश या लूटपाट? हर एंगल पर पड़ताल
दिल्ली के व्यस्त इलाकों में शुमार न्यू अशोक नगर में हुई इस नृशंस हत्या ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच में मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है:
आपसी रंजिश या निजी दुश्मनी: जिस तरह से दो हमलावरों ने योजनाबद्ध तरीके से युवक को घेरकर चाकुओं से लगातार वार किए, उससे व्यक्तिगत रंजिश या पुरानी दुश्मनी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
लूट का विरोध: सुबह के समय किसी राहगीर को घेरकर लूटपाट का विरोध करने पर हमला करने की संभावना की भी तफ्तीश की जा रही है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि मुख्य सड़क और मंदिर के पास तड़के इस प्रकार की वारदात होना इलाके में गश्त व्यवस्था की पोल खोलता है। फिलहाल पुलिस ने हत्या (धारा 103 बीएनएस) और संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है तथा आरोपियों की धरपकड़ के लिए कई विशेष टीमों का गठन किया है।






