
हसेरन/कन्नौज। नादेमऊ चौकी क्षेत्र के मधुपुरी गांव में शनिवार को खेतों में राष्ट्रीय पक्षी मोर का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से इलाके में हलचल मच गई। खेतों में मोर का शव पड़ा होने की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और इसकी सूचना पुलिस को दी गई।
डायल 112 पर सूचना के बाद पहुंची पुलिस
ग्रामीणों ने घटना की सूचना डायल 112 के माध्यम से पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी वन विभाग को दी गई। इसके बाद वन विभाग की टीम ने पुलिस की मौजूदगी में मोर के शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
मौत की असली वजह पर अभी बना हुआ है सवाल
वन विभाग के वीट प्रभारी अनुज कुमार वाजपेयी के अनुसार मोर की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। प्रारंभिक स्तर पर करंट लगने की आशंका जताई गई है, लेकिन अभी इसे मौत का निश्चित कारण नहीं माना गया है।कन्नौज में इससे पहले भी बिजली की चपेट में आने से राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौत का मामला सामने आ चुका है। अगस्त 2026 में छिबरामऊ क्षेत्र में 33 केवी विद्युत लाइन की चपेट में आने से एक मोर की मौत की सूचना प्रकाशित हुई थी।
ग्रामीणों ने जताई शिकार की आशंका
इधर, स्थानीय ग्रामीणों ने मोर के शिकार किए जाने की आशंका भी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों की ओर काम कर रहे लोगों को आता देखकर कथित शिकारी मौके से भाग गए और मोर का शव वहीं छोड़ दिया। हालांकि, शिकार की इस आशंका की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मौत का कारण पोस्टमार्टम और वन विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
पोस्टमार्टम के बाद किया गया अंतिम संस्कार
वीट प्रभारी अनुज कुमार वाजपेयी ने बताया कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद मोर के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार फूलपुर चौकी पर कर दिया गया।
वन्यजीव संरक्षण को लेकर जांच महत्वपूर्ण
राष्ट्रीय पक्षी मोर वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था के अंतर्गत संरक्षित वन्यजीव है और वन्यजीव अपराधों की जांच एवं कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो वन्यजीव अपराधों से संबंधित खुफिया जानकारी और प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय का कार्य करता है।मधुपुरी में मिले मोर के शव को लेकर अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विभागीय जांच पर नजर रहेगी। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि राष्ट्रीय पक्षी की मौत प्राकृतिक कारणों, करंट की चपेट में आने या किसी अन्य वजह से हुई।






