
रोहली/तालग्राम, कन्नौज। भादो मास के दूसरे शनिवार को तालग्राम क्षेत्र के रोहली गांव स्थित प्रसिद्ध मां जहारा देवी मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह करीब छह बजे से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर शाम तक जारी रहा। महिला, पुरुषों और बच्चों समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दरबार में पहुंचे और कतारबद्ध होकर दर्शन-पूजन किया।
15 हजार से लेकर हजारों की भीड़ का रहा इतिहास
रोहली का मां जहारा देवी मेला क्षेत्र में लंबे समय से श्रद्धा का प्रमुख केंद्र रहा है। उपलब्ध पूर्व रिपोर्टों में भी भादो के शनिवारों पर यहां हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने का उल्लेख मिलता है। वर्ष 2024 में एक शनिवार को करीब 15 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी।इस बार मेला प्रबंधन के अनुसार श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक रही। बड़ी संख्या में लोगों ने मां जहारा देवी के दर्शन कर मन्नतें मांगीं और मंदिर में अनाज का चढ़ावा अर्पित किया। मां के दरबार में अनाज चढ़ाने की परंपरा इस मेले की प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। पूर्व वर्षों की रिपोर्टों में भी श्रद्धालुओं द्वारा गेहूं और अन्य अनाज चढ़ाए जाने का उल्लेख मिलता है।
दर्शन के बाद बाजार में खरीदारी, देर शाम तक गुलजार रहा मेला
मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद श्रद्धालुओं ने मेला परिसर में लगी विभिन्न दुकानों का रुख किया। महिलाओं और बच्चों के साथ पहुंचे परिवारों ने घरेलू सामान, खिलौने तथा अन्य वस्तुओं की खरीदारी की। सुबह से शाम तक मेला परिसर में लगातार चहल-पहल बनी रही।रोहली का यह मेला केवल स्थानीय श्रद्धालुओं तक सीमित नहीं रहता। पूर्व वर्षों में कन्नौज के अलावा फर्रुखाबाद, मैनपुरी, औरैया, कानपुर देहात सहित आसपास के जिलों से श्रद्धालुओं के पहुंचने की जानकारी सामने आती रही है।
चार थानों की पुलिस ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। थाना प्रभारी तालग्राम रंजना पांडेय के अनुसार तालग्राम थाना पुलिस के साथ चार थानों की पुलिस को मेला क्षेत्र में तैनात किया गया। पुलिसकर्मी लगातार मेला परिसर और आसपास के मार्गों पर गश्त करते रहे तथा संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी।पिछले वर्षों में भी मेले के दौरान पुलिस बल, बैरिकेडिंग और यातायात नियंत्रण की व्यवस्था की जाती रही है। 2024 की रिपोर्ट के अनुसार मंदिर परिसर और आने-जाने वाले मार्गों पर पुलिस बल तैनात करने के साथ सीसीटीवी निगरानी, एंबुलेंस और स्वास्थ्य टीम की व्यवस्था भी की गई थी।
बिछड़े बच्चों को पुलिस ने परिजनों से मिलाया
भीड़ के बीच किसी बच्चे के अपने परिजनों से बिछड़ने की स्थिति में पुलिस ने माइक से सूचना प्रसारित कर उन्हें परिवार तक पहुंचाने का प्रयास किया। इससे मेले में आने वाले परिवारों को काफी राहत मिली। प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर यातायात व्यवस्था को नियंत्रित किया गया और वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर खड़ा कराया गया।
प्रशासन की तैयारियों से श्रद्धालुओं को मिली सुविधा
मेले से पहले ही तहसील प्रशासन की ओर से साफ-सफाई, बिजली, पेयजल, मोबाइल शौचालय और सुरक्षा जैसी व्यवस्थाओं की तैयारी की गई थी। प्रशासन ने मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की बात कही थी।मेला परिसर में स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध रहीं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल सहायता मिल सके। पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और मेला प्रबंधन की व्यवस्थाओं के बीच श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्वक मां जहारा देवी के दर्शन किए और मेले का आनंद उठाया।
आस्था और परंपरा का बड़ा केंद्र है रोहली का मेला
रोहली का मां जहारा देवी मेला भादो मास के शनिवारों में लगने वाला प्रमुख धार्मिक आयोजन है। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। प्रशासनिक व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की आस्था के बीच इस बार भी दूसरे शनिवार का मेला भक्तिमय माहौल और भारी भीड़ का गवाह बना।






