आसमान में उड़ने से पहले ही दम घुटने लगा! दिल्ली-पुणे फ्लाइट में AC ठप होते ही मचा भारी बवाल

​संवाद 24 नई दिल्ली। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर स्पाइसजेट की एक उड़ान उस वक्त भारी हंगामे का केंद्र बन गई, जब उड़ान भरने से ठीक पहले विमान का एयर कंडीशनिंग (AC) सिस्टम पूरी तरह ठप पड़ गया। प्लेन के भीतर देखते ही देखते भीषण गर्मी और असहनीय घुटन का माहौल बन गया। हवा का प्रवाह बंद होते ही केबिन के अंदर का तापमान तेजी से बढ़ा, जिससे यात्रियों का बुरा हाल हो गया और वे एयरलाइन प्रबंधन की गंभीर लापरवाही पर उग्र हो उठे।

​सफर की शुरुआत ही बनी भयानक दुस्वप्न
​मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली से पुणे जाने वाली स्पाइसजेट की इस फ्लाइट में सभी यात्री अपने समय पर बोर्डिंग पूरी कर चुके थे। लोग टेकऑफ का इंतजार कर रहे थे कि अचानक केबिन का वेंटिलेशन और एसी बंद हो गया। कुछ ही मिनटों के भीतर बंद प्लेन किसी भट्टी की तरह तपने लगा। यात्रियों का पूरा शरीर पसीने से तर-बतर हो गया। स्थिति इतनी बिगड़ी कि मासूम बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेने में काफी तकलीफ होने लगी।

​कागजों से हवा करते दिखे बेबस यात्री
​इस भयावह स्थिति के दौरान प्लेन के भीतर का नजारा बेहद चिंताजनक था। यात्री अपनी सीटों पर रखे मैगजीन, अखबारों और कागजों को पंखा बनाकर खुद को हवा करने के लिए मजबूर हो गए। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में यात्रियों की बेबसी और गुस्सा साफ देखा जा सकता है। परिजनों का आरोप है कि क्रू मेंबर्स से बार-बार शिकायत करने के बावजूद काफी देर तक कोई संतोषजनक कदम नहीं उठाया गया या किसी तरह की राहत प्रदान नहीं की गई।

​टर्मेक पर उतरे यात्री, टेकऑफ रुकवाया
​जब घुटन और गर्मी बर्दाश्त से बाहर हो गई, तो यात्रियों का धैर्य टूट गया। उन्होंने विमान के अंदर ही क्रू मेंबर्स के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सुरक्षा और स्वास्थ्य को खतरे में देखकर यात्रियों ने उड़ने से साफ इनकार कर दिया और टेकऑफ से ठीक पहले विमान को रुकवा दिया। गुस्साए यात्री प्लेन से बाहर निकलकर टर्मेक पर उतर आए और एयरलाइन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हंगामे को बढ़ता देख आखिर विमान को वापस बे (Bay) में लाया गया।

​तकनीकी खराबी छिपाने का गंभीर आरोप
​घटना के बाद कई यात्रियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर वीडियो साझा कर स्पाइसजेट पर लापरवाही का बड़ा आरोप लगाया है। यात्रियों का दावा है कि विमान में पहले से ही तकनीकी खराबी की समस्या थी, जिसे दुरुस्त किए बिना ही यात्रियों की बोर्डिंग करा दी गई। लोगों का कहना है कि सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज करके इस तरह यात्रियों की जान को जोखिम में डालना बेहद गैर-जिम्मेदाराना रवैया है।

​उड्डयन व्यवस्था पर फिर उठे गंभीर सवाल
​इस घटना ने एक बार फिर भारतीय विमानन क्षेत्र में उड़ानों के रखरखाव, तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों की पोल खोलकर रख दी है। भीषण गर्मी के मौसम में एसी का काम न करना सिर्फ असुविधा का मामला नहीं है, बल्कि इससे यात्रियों की सेहत पर भी गंभीर असर पड़ सकता था। मामले के बाद संबंधित अधिकारियों और नियामक संस्थाओं से सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है ताकि भविष्य में किसी भी एयरलाइन द्वारा इस प्रकार की लापरवाही न दोहराई जाए।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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