
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 07 अगस्त 2026, शुक्रवार
कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – वर्षा
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – आषाढ़ (अमांत), श्रावण (पूर्णिमांत)
पक्ष – कृष्ण
तिथि – नवमी शाम 04:39 PM तक, तत्पश्चात् दशमी
वार – शुक्रवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – कृतिका शाम 06:43 PM तक, तत्पश्चात् रोहिणी
योग – वृद्धि दोपहर 12:10 PM तक, तत्पश्चात् ध्रुव
करण – तैतिल प्रातः 05:49 AM तक, तत्पश्चात् गर शाम 04:39 PM तक, तत्पश्चात् वणिज
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 05:38 AM
सूर्यास्त – 06:56 PM
चन्द्रोदय – अगले दिन (08 अगस्त) 00:26 AM
चन्द्रास्त – दोपहर 01:56 PM
चन्द्र राशि – वृषभ (पूरा दिन-रात)
अभिजित मुहूर्त – 11:50 AM से 12:43 PM तक
विजय मुहूर्त – 02:32 PM से 03:25 PM तक (दुर्मुहूर्त/राहुकाल रहित काल गणनानुसार)
अशुभ काल
राहुकाल – 10:37 AM से 12:17 PM तक
यमगण्ड – 03:36 PM से 05:16 PM तक
गुलिक काल – 07:17 AM से 08:57 AM तक
दुर्मुहूर्त – 08:17 AM से 09:11 AM तक एवं दोपहर 12:43 PM से 01:37 PM तक
कंटक – 01:37 PM से 02:30 PM तक
कालवेला या अर्द्धयाम – 03:23 PM से 04:16 PM तक
यमघण्ट – 05:10 PM से 06:03 PM तक
गुलिक (दूसरा) – 08:17 AM से 09:11 AM तक
शुभ चौघड़िया
चर – 05:38 AM से 07:17 AM तक
लाभ – 07:17 AM से 08:57 AM तक
अमृत – 08:57 AM से 10:37 AM तक
शुभ – 12:17 PM से 01:57 PM तक
दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – पश्चिम
यात्रा उपाय – शुक्रवार को पश्चिम दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो राई (सरसों) या जौ खाकर अथवा शीशा (दर्पण) देखकर प्रस्थान करें।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
श्रावण कृष्ण नवमी / रोहिणी नक्षत्र प्रवेश
आज श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि शाम 04:39 PM तक रहेगी। आज शाम 06:43 PM पर शुभ और कल्याणकारी ‘रोहिणी नक्षत्र’ का आगमन होगा। शुक्रवार के दिन रोहिणी नक्षत्र का संयोग धन संचय, नए आभूषणों व वस्त्रों के क्रय तथा देवी लक्ष्मी की उपासना के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।
कृतिका एवं रोहिणी नक्षत्र का प्रभाव
शाम 06:43 PM तक कृतिका नक्षत्र रहेगा, जिसके स्वामी सूर्य देव हैं। यह नक्षत्र तेज, ऊर्जा और पराक्रम में वृद्धि करने वाला है। इसके पश्चात् चन्द्रमा के अपने ही नक्षत्र रोहिणी का आगमन होगा, जो मानसिक शांति, सुंदरता, कला और भौतिक सुख-सुविधाओं की वृद्धि करता है।
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज चन्द्रमा पूरे दिन अपनी उच्च राशि वृषभ में संचरण करेंगे। उच्च राशि का चन्द्रमा जातकों के मानसिक संतुलन, पारिवारिक तालमेल और आर्थिक स्थिति को मजबूती प्रदान करेगा।

आज का राशिफल – 07 अगस्त 2026 शुक्रवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
चन्द्रमा का द्वितीया भाव में गोचर आपके आर्थिक पक्ष को मजबूत करेगा। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। वाणी की मधुरता से पारिवारिक माहौल खुशनुमा बना रहेगा।
उपाय – माता लक्ष्मी को सफेद मिठाई या खीर का भोग लगाएं।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
चन्द्रमा आपकी ही राशि में उच्च के होकर संचरण कर रहे हैं, जिससे आत्मविश्वास चरम पर रहेगा। व्यापार में नए अनुबंध मिलेंगे और सोचे हुए कार्य आसानी से पूरे होंगे।
उपाय – छोटी कन्याओं को मिश्री या खीर खिलाएं।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
आज बेफिजूल के खर्चों पर थोड़ा नियंत्रण रखें। यात्रा के दौरान अपने सामान की सुरक्षा करें। शाम के बाद स्थिति काफी अनुकूल हो जाएगी और मानसिक तनाव दूर होगा।
उपाय – भगवान विष्णु के मंदिर में कपूर जलाएं।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आय के स्रोतों में जबरदस्त वृद्धि होने की संभावना है। मित्रों और बड़े भाई-बहनों का भरपूर सहयोग मिलेगा। पुराने किए गए निवेश से बड़ा आर्थिक लाभ होगा।
उपाय – शिवलिंग पर जल में कच्चा दूध मिलाकर अर्पित करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
नौकरी और व्यवसाय के क्षेत्र में आज शानदार सफलता मिलेगी। वरिष्ठ अधिकारी आपके काम की सराहना करेंगे। कार्यक्षेत्र में पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि के योग हैं।
उपाय – मस्तक पर सफेद चंदन का तिलक लगाएं।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में मन लगेगा। विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में मनोनुकूल परिणाम हासिल होंगे।
उपाय – श्री सूक्त का पाठ करें।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
आज का दिन थोड़ा संभलकर चलने का है। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें और वाहन सावधानी से चलाएं। लेन-देन में आंख मूंदकर किसी पर भरोसा न करें।
उपाय – शुक्रवार के दिन गुलाबी या सफेद वस्त्र धारण करें।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
दाम्पत्य जीवन में प्रेम और सामंजस्य बना रहेगा। साझेदारी के व्यापार में बड़ा आर्थिक लाभ होने की संभावना है। नए व्यापारिक विचार सफल होंगे।
उपाय – लक्ष्मी नारायण जी को गुलाब का इत्र अर्पित करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
प्रतिद्वंद्वियों और शत्रुओं पर आपकी विजय सुनिश्चित होगी। कोर्ट-कचहरी और कानूनी मामलों में राहत मिलेगी। नौकरीपेशा जातकों को मेहनत का उचित फल मिलेगा।
उपाय – विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें या सुनें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
विद्यार्थियों और प्रतियोगिता की तैयारी कर रहे जातकों के लिए दिन उत्तम है। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेगा। बौद्धिक क्षमता से लाभ के अवसर मिलेंगे।
उपाय – जरूरतमंदों को सफेद अन्न (चावल, चीनी) का दान करें।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
घरेलू सुख-सुविधाओं की वस्तुओं में वृद्धि होगी। प्रॉपर्टी, मकान या नया वाहन खरीदने की योजना सफल होगी। माता का पूरा आशीर्वाद प्राप्त होगा।
उपाय – भगवान शिव को साबुत अक्षत (चावल) चढ़ाएं।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आपके पराक्रम और साहस में वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों का सहयोग कार्यक्षेत्र में मददगार साबित होगा। छोटी लेकिन अत्यंत लाभकारी व्यावसायिक यात्राएं होंगी।
उपाय – कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें।
॥ शुभम भवतु ॥

