
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 25 जुलाई 2026, शनिवार
कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – वर्षा
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – आषाढ़ (अमांत), आषाढ़ (पूर्णिमांत)
पक्ष – शुक्ल
तिथि – एकादशी प्रातः 11:36 AM तक, तत्पश्चात् द्वादशी
वार – शनिवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – ज्येष्ठा (पूर्ण रात्रि)
योग – ब्रह्म रात 09:08 PM तक, तत्पश्चात् इन्द्र
करण – विष्टि (भद्रा) प्रातः 11:36 AM तक, तत्पश्चात् बव अगले दिन (26 जुलाई) तड़के 00:48 AM तक, तत्पश्चात् बालव
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 05:31 AM
सूर्यास्त – 07:04 PM
चन्द्रोदय – 04:00 PM
चन्द्रास्त – अगले दिन (26 जुलाई) 02:14 AM
चन्द्र राशि – वृश्चिक (पूरा दिन-रात)
अभिजित मुहूर्त – 11:50 AM से 12:45 PM तक
विजय मुहूर्त – 02:33 PM से 03:27 PM तक (दुर्मुहूर्त/राहुकाल रहित काल गणनानुसार)
अशुभ काल
राहुकाल – 08:54 AM से 10:36 AM तक
यमगण्ड – 02:00 PM से 03:41 PM तक
गुलिक काल – 06:25 AM से 07:19 AM तक
दुर्मुहूर्त – 05:31 AM से 06:25 AM तक एवं 06:25 AM से 07:19 AM तक
कंटक – 11:50 AM से 12:45 PM तक
कालवेला या अर्द्धयाम – 01:39 PM से 02:33 PM तक
यमघण्ट – 03:27 PM से 04:22 PM तक
शुभ चौघड़िया
चर – 07:12 AM से 08:54 AM तक
लाभ – 08:54 AM से 10:36 AM तक
अमृत – 10:36 AM से 12:17 PM तक
शुभ – 01:59 PM से 03:41 PM तक
दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – पूर्व
यात्रा उपाय – शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो अदरक या उड़द की दाल खाकर अथवा भगवान शनिदेव का स्मरण कर प्रस्थान करें।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
देवशयनी एकादशी व्रत (पारण दिन) / वासुदेव द्वादशी
आज प्रातः 11:36 AM तक एकादशी तिथि रहेगी, जिसके चलते वैष्णव समाज और कई क्षेत्रों में इस कालखंड के भीतर देवशयनी एकादशी व्रत का पारण किया जाएगा। इसके पश्चात् द्वादशी तिथि शुरू होने से भगवान वासुदेव की पूजा का विधान रहेगा। आज प्रातः 11:36 AM तक भद्रा का प्रभाव रहेगा, अतः इस अवधि में शुभ कार्य वर्जित रहेंगे।
ज्येष्ठा नक्षत्र का प्रभाव
ज्येष्ठा नक्षत्र पूर्ण रात्रि तक सक्रिय रहेगा, जिसके स्वामी बुध देव और अधिपति देव इन्द्र हैं। यह नक्षत्र साहस, वरिष्ठता, प्रशासनिक क्षमता और किसी बड़े दायित्व को संभालने का कारक है। व्यापारिक और बौद्धिक कार्यों के लिए यह प्रभाव ऊर्जावान रहेगा।
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज चन्द्रमा पूरे दिन और रात मंगल की राशि वृश्चिक में गोचर करेंगे। वृश्चिक राशि में चन्द्रमा नीच के माने जाते हैं, जिससे मन में कुछ अज्ञात भय, दुविधा या अचानक विचारों में उग्रता आ सकती है। कोई भी बड़ा वित्तीय या व्यक्तिगत निर्णय लेते समय धैर्य बनाए रखना हितकर होगा।

आज का राशिफल – 25 जुलाई 2026 शनिवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
चन्द्रमा का गोचर अष्टम भाव में रहने से आज सेहत के प्रति विशेष सावधानी बरतनी होगी। गुप्त शत्रुओं से सतर्क रहें। शाम के समय किसी मित्र के सहयोग से अटका हुआ कार्य पूरा हो सकता है।
उपाय – शनि चालीसा का पाठ करें और सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
दाम्पत्य जीवन में प्रेम और सामंजस्य बना रहेगा। व्यापारिक क्षेत्र में नए अवसर सामने आ सकते हैं। जीवनसाथी की सलाह से किया गया निवेश भविष्य में बड़ा लाभ देगा।
उपाय – हनुमान जी को बूंदी का भोग लगाएं।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
प्रतिद्वंद्वियों पर आपकी विजय होगी। यदि कोई कानूनी मामला चल रहा है, तो आज उसमें आपको राहत मिल सकती है। नौकरीपेशा जातकों को मेहनत का उचित फल प्राप्त होगा।
उपाय – भगवान गणेश को दूर्वा और मोदक अर्पित करें।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
संतान पक्ष की ओर से कोई सुखद समाचार मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगिता परीक्षाओं में मनोनुकूल परिणाम मिल सकते हैं। प्रेम संबंधों में मधुरता रहेगी।
उपाय – शिवलिंग पर जल में काले तिल मिलाकर अर्पित करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी, लेकिन मानसिक रूप से कोई बात चिंतित कर सकती है। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में जल्दबाजी न करें।
उपाय – मस्तक पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आपके पराक्रम और पुरुषार्थ में वृद्धि होगी। मित्रों और भाई-बहनों का पूरा सहयोग कार्यक्षेत्र में मिलेगा। छोटी लेकिन अत्यंत लाभकारी व्यावसायिक यात्राएं होने के मजबूत योग हैं।
उपाय – किसी जरूरतमंद को काले वस्त्र या चप्पल का दान करें।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
आर्थिक मोर्चे पर आज का दिन बहुत शानदार रहेगा। अटका हुआ धन वापस आने से बैंक बैलेंस बढ़ेगा। परिवार के सदस्यों के साथ किसी मांगलिक कार्य पर चर्चा हो सकती है।
उपाय – श्री सूक्त का पाठ करें।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
चन्द्रमा आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं, जिससे आत्मविश्वास तो बना रहेगा परंतु मानसिक भावुकता अधिक रह सकती है। व्यापारिक दृष्टिकोण से दिन लाभप्रद है, योजनाएं सफल होंगी।
उपाय – हनुमान बाहुक का पाठ करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज अनावश्यक खर्चों के कारण मन थोड़ा खिन्न रह सकता है। दूर की यात्राओं पर धन व्यय होने के योग हैं। लेन-देन के मामलों में आंख मूंदकर किसी पर भरोसा न करें।
उपाय – विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें या श्रवण करें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज का दिन आपकी आय में जबरदस्त वृद्धि कराने वाला रहेगा। पुराने निवेशों से बड़ा लाभ मिलेगा। समाज और कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ लोगों का पूरा मार्गदर्शन और सहयोग प्राप्त होगा।
उपाय – शनि देव के मंत्र ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ का जप करें।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
करियर और आजीविका के क्षेत्र में आज बेहतरीन सफलता मिलने के योग हैं। नई नौकरी के प्रयास सफल होंगे। व्यावसायिक साख मजबूत होगी और मान-सम्मान में वृद्धि होगी।
उपाय – पीपल के वृक्ष के पास चौमुखा दीपक जलाएं।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
भाग्य का पूरा सितारा आज बुलंद रहेगा। काफी समय से रुके हुए सरकारी या कानूनी कार्य अपने आप बनते चले जाएंगे। धार्मिक और मांगलिक यात्रा की रूपरेखा बनेगी।
उपाय – हनुमान चालीसा का 3 बार पाठ करें।
॥ शुभम भवतु ॥

