
संवाद 24 गुजरात। भगवान जगन्नाथ की विश्वप्रसिद्ध और भव्य रथयात्रा शुरू होने में अब महज 48 घंटे यानी दो दिन का समय बचा है। पूरा गुजरात भक्ति के रंग में सराबोर होने की तैयारी कर रहा है। लेकिन इसी बीच सुरक्षा एजेंसियों के गलियारों से एक ऐसी खबर आई है जिसने हर किसी के कान खड़े कर दिए हैं। गुजरात एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने राज्य में शांति और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की एक बहुत बड़ी और खौफनाक साजिश को नाकाम करने का दावा किया है। एटीएस की टीम ने बेहद गोपनीय तरीके से एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाते हुए सिद्धपुर इलाके से 5 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। खुफिया सूत्रों की मानें तो इन संदिग्धों के तार कुख्यात पाकिस्तानी आतंकी संगठन ‘जैश-ए-मोहम्मद’ से जुड़े होने की गंभीर आशंका है।
खुफिया इनपुट और आधी रात का एक्शन
यह पूरी कार्रवाई अचानक नहीं हुई, बल्कि इसके पीछे कई दिनों की कड़ी निगरानी और खुफिया तंत्र की सटीक सूचनाएं थीं। दरअसल, 16 जुलाई को अहमदाबाद समेत भावनगर, वडोदरा, पाटन और राजकोट जैसे राज्य के कई बड़े शहरों में एक साथ भगवान जगन्नाथ की पारंपरिक रथयात्रा निकाली जानी है। इस विशाल आयोजन में लाखों की संख्या में श्रद्धालु सड़कों पर उतरते हैं। सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिला था कि इस बेहद संवेदनशील और बड़े धार्मिक उत्सव के दौरान कुछ राष्ट्रविरोधी तत्व और प्रतिबंधित संगठन राज्य की कानून व्यवस्था को चोट पहुंचाने और माहौल बिगाड़ने की फिराक में हैं। जैसे ही खुफिया इनपुट की पुष्टि हुई, गुजरात एटीएस के आला अधिकारी तुरंत एक्शन मोड में आ गए। जांच के दौरान तकनीकी सर्विलांस और जमीनी नेटवर्क के जरिए कुछ संदिग्धों के लोकेशन सिद्धपुर तालुका में पाए गए। इसके बाद एटीएस की स्पेशल टीम ने स्थानीय पुलिस प्रशासन को साथ लिया और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। आधी रात को शुरू हुए इस साझा सर्च ऑपरेशन में एटीएस ने सीधे उन ठिकानों पर छापेमारी की जहां ये संदिग्ध छिपे हुए थे। मौके से 5 लोगों को दबोच लिया गया, जिनसे अब बेहद गुप्त स्थान पर ले जाकर कड़ी पूछताछ की जा रही है।
क्या जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हैं तार?
इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा महकमे में हलचल तेज हो गई है। सबसे बड़ा और चौंकाने वाला पहलू यह है कि पकड़े गए इन संदिग्धों का संबंध सीधे तौर पर जैश-ए-मोहम्मद या उसके किसी स्लीपर सेल से होने का संदेह जताया जा रहा है। जांच अधिकारी इस बात का पता लगाने में जुटे हैं कि क्या इन लोगों को सीमा पार (पाकिस्तान) में बैठे किसी आका या हैंडलर से निर्देश मिल रहे थे?
शुरुआती जांच के दायरे में इनके मोबाइल फोन, इंटरनेट कॉलिंग रिकॉर्ड्स, सोशल मीडिया चैट्स और हाल ही में किए गए वित्तीय लेन-देन शामिल हैं। एटीएस यह भी खंगाल रही है कि क्या इन संदिग्धों ने रथयात्रा के रूट की रेकी (निगरानी) की थी या इनके पास किसी भी तरह का हथियार या विस्फोटक सामग्री पहुंचाने की योजना थी। इसके अलावा, ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक जांच की आंच पड़ोसी जिले बनासकांठा तक भी पहुंच गई है, जहां से 2 अन्य संदिग्ध व्यक्तियों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की खबर सामने आ रही है।
सिलसिलेवार गिरफ्तारियां: क्या था ‘गजवा-ए-हिंद’ का प्लान?
गुजरात में संदिग्धों की धरपकड़ का यह कोई पहला मामला नहीं है। अगर पिछले कुछ दिनों के घटनाक्रम पर नजर डालें तो एटीएस लगातार बैक-टू-बैक बड़े ऑपरेशंस को अंजाम दे रही है। करीब 11 दिन पहले भी एटीएस ने एक बड़े स्लीपर सेल का पर्दाफाश करते हुए गुजरात और मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों से 8 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया था। उस कार्रवाई में सिद्धपुर से 3, चिखली से 1 और पालनपुर से 3 लोगों को दबोचा गया था।
मध्य प्रदेश के देवास से गिरफ्तार हुए बिलाल दुर्रानी नाम के एक मुख्य संदिग्ध की कुंडली भी गुजरात एटीएस लगातार खंगाल रही है। जांच में यह बात सामने आई थी कि ये लोग कथित तौर पर ‘गजवा-ए-हिंद’ जैसी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित होकर देश के भीतर किसी बड़ी हिंसक गतिविधि को अंजाम देने का ताना-बाना बुन रहे थे। कड़ियों को जोड़ने पर पुलिस को अंदेशा है कि हाल ही में पकड़े गए 5 नए संदिग्ध भी इसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं।
हाई अलर्ट पर पूरा गुजरात, सुरक्षा अभेद्य
इस बड़ी कामयाबी और संभावित खतरे को देखते हुए गुजरात सरकार और राज्य पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद हो गए हैं। अहमदाबाद सहित उन सभी शहरों में जहां-जहां से रथयात्रा गुजरने वाली है, वहां सुरक्षा के ऐसे इंतजाम किए जा रहे हैं जिन्हें भेद पाना नामुमकिन हो।
पैरामिलिट्री और ड्रोन से नजर: रथयात्रा के संवेदनशील और संकरे रास्तों पर इस बार न सिर्फ हजारों की तादाद में सशस्त्र पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे, बल्कि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (RAF और CRPF) की कंपनियां भी मोर्चे पर मुस्तैद कर दी गई हैं। पूरे रूट की निगरानी आधुनिक ड्रोन कैमरों और चप्पे-चप्पे पर लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जाएगी।
सघन चेकिंग अभियान: एटीएस की इस बड़ी कार्रवाई के बाद होटलों, धर्मशालाओं, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर अचानक चेकिंग बढ़ा दी गई है। राज्य की सीमाओं पर आने-जाने वाले हर संदिग्ध वाहन की बारीकी से तलाशी ली जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का साफ कहना है कि उनका मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना है कि देश और राज्य का यह गौरवशाली उत्सव पूरी तरह शांतिपूर्ण, सुरक्षित और भाईचारे के माहौल में संपन्न हो। फिलहाल, हिरासत में लिए गए सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही गुजरात एटीएस इस पूरे मामले पर एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क का आधिकारिक खुलासा कर सकती है।






