आधी रात आफत! महाराष्ट्र में भारी बारिश के बीच डोली धरती, मराठवाड़ा के कई जिलों में भूकंप के तेज झटके

संवाद 24 मुंबई। राज्य के मराठवाड़ा क्षेत्र से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है, जहाँ गुरुवार की आधी रात के बाद अचानक धरती कांप उठी। मराठवाड़ा के तीन प्रमुख जिलों—नांदेड़, हिंगोली और परभणी में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। आधी रात को जब लोग गहरी नींद में सो रहे थे, तभी अचानक बिस्तरों और घरों के हिलने से हड़कंप मच गया और जान बचाने के लिए लोग आनन-फानन में अपने घरों से बाहर खुले आसमान के नीचे भाग खड़े हुए।

आधी रात से भोर तक तीन बार हिली धरती, रिक्टर स्केल पर 4.6 तक गई तीव्रता
प्रशासनिक अधिकारियों और मौसम विभाग से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, भूकंप के ये झटके रात करीब 1 बजकर 37 मिनट से शुरू होकर सुबह 3 बजकर 23 मिनट के बीच अलग-अलग समय पर महसूस किए गए। यानी करीब डेढ़ से दो घंटे के भीतर धरती कई बार डोली। रिक्टर स्केल पर इन भूकंपीय झटकों की तीव्रता 3.6 से लेकर 4.6 के बीच दर्ज की गई है। भूकंप का मुख्य केंद्र हिंगोली जिला और उसके आसपास का क्षेत्र बताया जा रहा है, जहाँ झटके सबसे ज्यादा तीव्र और डरावने थे। रात के सन्नाटे में जब अचानक पंखे, बर्तन और खिड़कियां खड़खड़ाने लगीं, तो लोग किसी अनहोनी की आशंका से कांप उठे।

हिंगोली में सबसे ज्यादा असर, कई मकानों की दीवारों में आईं दरारें
मराठवाड़ा के हिंगोली जिले में इस भूकंप का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला है। स्थानीय सूत्रों से मिली खबरों के अनुसार, हिंगोली के कुछ ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में पुराने और कच्चे मकानों को नुकसान पहुँचा है। कई घरों की दीवारों में आड़ी-तिरछी दरारें आ गई हैं, जिसके बाद से ग्रामीण बेहद डरे हुए हैं। बारिश के इस मौसम में घरों में दरारें आने से उनके ढहने का खतरा और ज्यादा बढ़ गया है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इतनी तीव्रता के बावजूद फिलहाल किसी भी जिले से किसी व्यक्ति के हताहत होने या किसी बड़े जान-माल के नुकसान की कोई दुखद खबर सामने नहीं आई है। आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार प्रभावित ग्रामीण इलाकों से जमीनी फीडबैक ले रही हैं।

भारी बारिश और भूकंप के दोहरे संकट से सहमे नागरिक
इस समय पूरा मराठवाड़ा और मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई हिस्से भारी से अति भारी बारिश की चपेट में हैं। नदियां और नाले उफान पर हैं, कई जगहों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे विकट माहौल में आधी रात को आए भूकंप ने लोगों की मानसिक परेशानी को दोगुना कर दिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि एक तरफ बाहर मूसलाधार बारिश हो रही है जिससे सड़कों पर पानी भरा है, और दूसरी तरफ भूकंप के झटकों के डर से वे घरों के अंदर भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। रात के समय कई परिवारों ने बारिश के बीच ही छाता लगाकर या गाड़ियों में बैठकर समय काटा।

प्रशासन अलर्ट पर, अफवाहों से बचने की अपील
भूकंप के झटकों की पुष्टि होने के बाद नांदेड़, हिंगोली और परभणी के जिला कप्तानों और प्रशासनिक अमले को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग (Disaster Management) की टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से पैनिक न होने यानी न घबराने की अपील की है। साथ ही, सोशल मीडिया पर भूकंप को लेकर फैलने वाली किसी भी तरह की अफवाह या झूठी खबरों पर ध्यान न देने को कहा गया है। भू-वैज्ञानिकों का कहना है कि मुख्य झटके के बाद छोटे ‘आफ्टरशॉक्स’ (भूकंप के बाद के हल्के झटके) आना सामान्य बात है, इसलिए लोगों को सतर्क रहना चाहिए, विशेषकर उन लोगों को जिनके मकान पुराने या जर्जर स्थिति में हैं।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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