
संवाद 24 डेस्क। दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला इस समय एक भीषण प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहा है। देश में आए शक्तिशाली भूकंप ने कई शहरों को तबाही के अंधेरे में धकेल दिया है। इमारतें ताश के पत्तों की तरह बिखर गईं, सड़कें फट गईं और हजारों लोग अचानक आई इस आपदा की चपेट में आ गए। राहत एजेंसियां लगातार बचाव कार्य में जुटी हैं, लेकिन हालात इतने गंभीर हैं कि मौतों का आंकड़ा बेहद बड़ा हो सकता है।
धरती ने दिखाया रौद्र रूप, कुछ सेकंड में मच गया हाहाकार
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक भूकंप के झटके इतने तेज थे कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पहले झटके के बाद लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकलने की कोशिश कर ही रहे थे कि दूसरा और अधिक शक्तिशाली झटका महसूस हुआ। देखते ही देखते कई इलाकों में अफरा-तफरी मच गई और लोग खुले स्थानों की ओर भागने लगे।
राजधानी काराकास बनी तबाही का सबसे बड़ा केंद्र
भूकंप का सबसे ज्यादा असर राजधानी काराकास और उसके आसपास के इलाकों में देखने को मिला। कई बहुमंजिला इमारतों में बड़ी दरारें पड़ गईं, जबकि कुछ इमारतें पूरी तरह धराशायी हो गईं। रिहायशी इलाकों में मलबे के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं। कई परिवार ऐसे हैं जिनके सदस्य अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
मलबे के नीचे जिंदगी की तलाश, हर मिनट बन रहा है अहम
बचाव दल दिन-रात मलबा हटाने में जुटे हुए हैं। भारी मशीनों, खोजी कुत्तों और विशेष उपकरणों की मदद से लोगों को तलाशा जा रहा है। कई जगहों से जीवित लोगों को बाहर निकालने में सफलता मिली है, जिससे राहतकर्मियों का हौसला बढ़ा है। हालांकि अभी भी हजारों लोगों के फंसे होने की आशंका बनी हुई है।
10 हजार से ज्यादा मौतों का डर, बढ़ी पूरी दुनिया की चिंता
भूकंप की तीव्रता और हुए व्यापक नुकसान को देखते हुए विशेषज्ञ बड़ी जनहानि की आशंका जता रहे हैं। शुरुआती अनुमानों के अनुसार मृतकों की संख्या कई हजार तक पहुंच सकती है। हालांकि प्रशासन की ओर से अंतिम आंकड़े जारी नहीं किए गए हैं, लेकिन प्रभावित क्षेत्रों से आ रही तस्वीरें हालात की गंभीरता को साफ बयां कर रही हैं।
अस्पतालों में मरीजों की बाढ़, डॉक्टरों पर बढ़ा दबाव
भूकंप के बाद बड़ी संख्या में घायल लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कई अस्पतालों में आपातकालीन सेवाएं लागू कर दी गई हैं। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को अतिरिक्त ड्यूटी पर लगाया गया है ताकि हर घायल को समय पर इलाज मिल सके। कई स्थानों पर रक्तदान की अपील भी की जा रही है।
बिजली गुल, संचार ठप और सड़कों पर संकट
आपदा के कारण कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाओं पर भी असर पड़ा है। कई प्रमुख सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त होने से राहत कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं। कुछ इलाकों तक पहुंचने के लिए बचाव दलों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है।
हर झटके के साथ बढ़ रहा डर, आफ्टरशॉक ने बढ़ाई बेचैनी
भूकंप के बाद लगातार छोटे-बड़े झटके महसूस किए जा रहे हैं। इन आफ्टरशॉक्स ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। हजारों लोग अपने घरों में लौटने की बजाय खुले मैदानों और अस्थायी शिविरों में रात गुजार रहे हैं। प्रशासन ने भी लोगों को क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने की सलाह दी है।
मलबे में उम्मीदें तलाश रहा वेनेजुएला
आपदा ने लाखों लोगों की जिंदगी को प्रभावित किया है। कई परिवारों ने अपने घर, कारोबार और प्रियजनों को खो दिया है। इसके बावजूद बचाव अभियान में जुटी टीमें उम्मीद नहीं छोड़ रही हैं। हर गुजरते घंटे के साथ मलबे में दबे लोगों को खोजने की कोशिश जारी है। पूरा देश इस मुश्किल घड़ी में एकजुट होकर हालात से लड़ने की कोशिश कर रहा है।
आने वाले दिन बताएंगे तबाही की असली तस्वीर
फिलहाल राहत और बचाव अभियान सबसे बड़ी प्राथमिकता बना हुआ है। जैसे-जैसे प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे पूरा होगा, नुकसान की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। लेकिन इतना तय है कि यह भूकंप वेनेजुएला के इतिहास की सबसे विनाशकारी प्राकृतिक आपदाओं में से एक बन सकता है।






