दाऊद के ड्रग्स साम्राज्य पर बड़ा वार! सलीम डोला की गिरफ्तारी के बाद भारत की ‘दो-स्टेप’ रणनीति, UAE से होगी वापसी
Share your love

संवाद 24 नई दिल्ली। अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम के ड्रग्स नेटवर्क को बड़ा झटका देते हुए उसके करीबी सहयोगी और कथित ड्रग माफिया सलीम डोला की गिरफ्तारी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। तुर्किये में पकड़े गए डोला को भारत लाने के लिए अब एक खास रणनीति तैयार की जा रही है, जिसमें संयुक्त अरब अमीरात (UAE) अहम भूमिका निभा सकता है। सूत्रों के अनुसार, भारत सरकार सीधे तुर्किये से प्रत्यर्पण नहीं कर सकती क्योंकि दोनों देशों के बीच औपचारिक प्रत्यर्पण संधि नहीं है। ऐसे में एजेंसियां “दो-स्टेप एक्सट्राडिशन प्लान” पर काम कर रही हैं, जिसके तहत पहले डोला को UAE लाया जाएगा और फिर वहां से भारत लाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
तुर्किये में गिरफ्तारी से हिला अंडरवर्ल्ड नेटवर्क
सलीम डोला की गिरफ्तारी तुर्किये के इस्तांबुल में एक संयुक्त ऑपरेशन के दौरान हुई, जिसमें स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने मिलकर कार्रवाई की। वह लंबे समय से फरार था और उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी था। डोला पर आरोप है कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले सिंथेटिक ड्रग्स नेटवर्क का संचालन कर रहा था, जिसकी कीमत करीब 5,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरफ्तारी दाऊद इब्राहिम के डी-कंपनी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि डोला इस पूरे ड्रग सिंडिकेट का प्रमुख संचालक माना जाता था।
कैसे चलता था ड्रग्स का अंतरराष्ट्रीय खेल
जांच एजेंसियों के मुताबिक, डोला का नेटवर्क भारत, UAE और तुर्किये तक फैला हुआ था। 2024 में मुंबई पुलिस की जांच में यह सामने आया था कि ड्रग्स सप्लाई की चेन महाराष्ट्र और गुजरात से शुरू होकर दुबई और तुर्किये तक जाती थी, जहां से इसका अंतरराष्ट्रीय वितरण होता था। बताया जाता है कि 2018 में जमानत मिलने के बाद डोला भारत से भाग गया और UAE में बैठकर अपने नेटवर्क को संचालित करने लगा। बाद में उसने पहचान बदलकर तुर्किये में ठिकाना बना लिया था।
UAE क्यों बना ‘कुंजी’?
भारत और UAE के बीच मजबूत प्रत्यर्पण सहयोग पहले भी कई मामलों में सफल रहा है। पिछले साल डोला के बेटे ताहिर डोला को UAE से भारत लाया गया था, जिससे जांच एजेंसियों को बड़ी जानकारी मिली थी। इसी अनुभव के आधार पर अब एजेंसियां उम्मीद कर रही हैं कि सलीम डोला को भी UAE के जरिए भारत लाना संभव होगा। यह रणनीति इसलिए भी अहम है क्योंकि UAE के साथ भारत के सुरक्षा और कानूनी सहयोग मजबूत माने जाते हैं।
डोला की गिरफ्तारी क्यों है अहम?
सलीम डोला केवल एक अपराधी नहीं, बल्कि एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का मुख्य कड़ी माना जाता है। उसकी गिरफ्तारी से न केवल डी-कंपनी की आर्थिक कमर टूट सकती है, बल्कि कई बड़े खुलासे भी हो सकते हैं। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि डोला से पूछताछ में ड्रग्स सप्लाई चेन, फंडिंग नेटवर्क और दाऊद इब्राहिम के वर्तमान ठिकानों से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।
आगे क्या होगा?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भारत इस हाई-प्रोफाइल अपराधी को जल्द अपने कब्जे में ले पाएगा? कानूनी प्रक्रियाएं और अंतरराष्ट्रीय समझौते इस मामले में अहम भूमिका निभाएंगे। हालांकि, एजेंसियों का दावा है कि वे इस बार पूरी तैयारी के साथ आगे बढ़ रही हैं और सलीम डोला को भारत लाने की संभावना पहले से ज्यादा मजबूत है।






