सतपुड़ा के पास मिला कॉलर वाला बाघ मृत: गड्ढे में मिला शव, क्या शिकारियों का हाथ या कुछ और
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संवाद 24 मध्य प्रदेश। सतपुत्र टाइगर रिजर्व के पास एक कॉलर (रेडियो-ट्रैकिंग डिवाइस) लगे बाघ का शव मिलने से हड़कंप मच गया है। वन विभाग के अनुसार, यह बाघ रिजर्व के बफर क्षेत्र से लगे जंगल में एक गड्ढे के अंदर मृत अवस्था में पाया गया।
कॉलर लगे होने से बढ़ी गंभीरता
मृत बाघ के गले में रेडियो कॉलर लगा हुआ था, जिससे उसकी लोकेशन लगातार ट्रैक की जा रही थी। ऐसे बाघ आमतौर पर संरक्षण और निगरानी के लिए चिन्हित होते हैं, इसलिए उसकी मौत ने वन विभाग की चिंता और बढ़ा दी है। अधिकारियों को तब शक हुआ जब बाघ की लोकेशन लंबे समय तक एक ही जगह स्थिर रही, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची और शव बरामद किया गया।
शिकार या हादसा? जांच में जुटा वन विभाग
प्रारंभिक जांच में बाघ का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने के कारण शिकार (poaching) की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अभी तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है। वन विभाग ने मौके से सैंपल इकट्ठा कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए हैं और पूरे मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी गई है।
मध्य प्रदेश में बढ़ रही बाघों की मौत चिंता का विषय
मध्य प्रदेश, जिसे “टाइगर स्टेट” कहा जाता है, वहां हाल के वर्षों में बाघों की मौत के मामलों में वृद्धि देखी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2025 में ही राज्य में 50 से ज्यादा बाघों की मौत दर्ज की गई थी, जिनमें कई मामले अस्वाभाविक कारणों से जुड़े थे।
संरक्षण पर उठ रहे सवाल
विशेषज्ञों का मानना है कि रिजर्व के बाहर बाघों का जाना उनके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। बिजली के तार, शिकारियों का खतरा और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसे कारण उनकी जान के लिए जोखिम बनते जा रहे हैं।
क्या कहती है आगे की स्थिति?
वन विभाग का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आ पाएगी। अगर इसमें शिकार की पुष्टि होती है, तो यह वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करेगा।






