मर्चेंट नेवी कैडेट सार्थक महापात्रा के साथ क्या हुआ? 10 दिन बाद भी सुराग नहीं, परिवार ने लगाई न्याय की गुहार!
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संवाद 24 ओडिशा। कहते हैं कि समंदर की लहरें जितनी खूबसूरत दिखती हैं, उनके सीने में उतने ही गहरे राज दफन होते हैं। ओडिशा के एक होनहार नौजवान और मर्चेंट नेवी कैडेट सार्थक महापात्रा के मामले में यह बात सच साबित होती दिख रही है। भुवनेश्वर के रहने वाले सार्थक पिछले 10 दिनों से समंदर के बीचों-बीच एक जहाज से रहस्यमय तरीके से लापता हैं। जैसे-जैसे समय बीत रहा है, परिवार की उम्मीदें टूट रही हैं और जहाज प्रबंधन की चुप्पी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
शिप पर क्या हुआ उस रात?
भुवनेश्वर के झारपाड़ा इलाके के रहने वाले सार्थक महापात्रा ‘एमवी टॉर्क’ (MV Torque) नामक जहाज पर कैडेट के रूप में तैनात थे। जानकारी के अनुसार, यह जहाज दक्षिण अफ्रीका से भारत की ओर आ रहा था। 26 जनवरी की रात तक सार्थक ने अपने परिवार से बात की थी और वह काफी खुश थे। लेकिन अगली ही सुबह जहाज के कैप्टन की ओर से एक कॉल आता है जिसने परिवार की दुनिया उजाड़ दी। बताया गया कि सार्थक जहाज पर नहीं हैं और आशंका है कि वह समंदर में गिर गए हैं।
10 दिन बीते, पर हाथ खाली
सार्थक के पिता और परिजनों का आरोप है कि जहाज की कंपनी और संबंधित एजेंसियां इस मामले में पारदर्शिता नहीं बरत रही हैं। 10 दिन का समय बीत जाने के बाद भी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आखिर सार्थक जहाज से गिरे कैसे? क्या यह एक दुर्घटना थी, या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है? परिवार ने आरोप लगाया है कि शिपिंग कंपनी उन्हें ठोस जानकारी देने के बजाय केवल आश्वासन दे रही है।
केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय से मदद की अपील
बेटे की तलाश के लिए सार्थक के पिता ने ओडिशा सरकार और केंद्र सरकार के विदेश मंत्रालय से गुहार लगाई है। उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और केंद्रीय जहाजरानी मंत्री को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। परिवार का कहना है कि जिस क्षेत्र में जहाज था, वहां की समुद्री धाराओं और उस समय की स्थिति की विस्तृत जांच होनी चाहिए। साथ ही, जहाज पर लगे सीसीटीवी फुटेज और अन्य साथियों के बयानों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
ओडिशा में आक्रोश, सोशल मीडिया पर उठी आवाज
सार्थक महापात्रा के लापता होने की खबर ने पूरे ओडिशा को झकझोर कर रख दिया है। सोशल मीडिया पर #JusticeForSarthak जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। स्थानीय लोगों और छात्र संगठनों ने मांग की है कि केंद्र सरकार तुरंत अंतरराष्ट्रीय समुद्री एजेंसियों के साथ संपर्क करे और सार्थक की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन को और तेज किया जाए।
एक होनहार करियर पर ग्रहण
सार्थक बचपन से ही साहसी थे और मर्चेंट नेवी में जाकर देश की सेवा और अपने परिवार का नाम रोशन करना चाहते थे। उनकी मेहनत के दम पर उन्हें एक प्रतिष्ठित कंपनी में मौका मिला था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि उनके सपनों का सफर इस तरह एक अनसुलझी पहेली बन जाएगा।






