दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश के बाद भी ‘जहरीली’ हवा का पहरा, कड़ाके की ठंड ने छुड़ाई कंपकंपी
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संवाद 24 नई दिल्ली। देश की राजधानी और आसपास के इलाकों (NCR) में कुदरत का दोहरा वार देखने को मिल रहा है। मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर के आसमान ने करवट ली और गरज-चमक के साथ हुई झमाझम बारिश ने पूरे इलाके को भिगो दिया। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि जिस बारिश से प्रदूषण धुलने की उम्मीद थी, उसने दिल्लीवासियों को निराश किया है। भारी वर्षा के बावजूद दिल्ली की हवा में सुधार होने के बजाय प्रदूषण का स्तर ‘खराब’ और ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बना हुआ है, वहीं सर्द हवाओं ने एक बार फिर हाड़ कंपाने वाली ठंड का अहसास करा दिया है।
बारिश ने तोड़ा 4 साल का रिकॉर्ड, पर हवा अब भी ‘बीमार’
मौसम विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार, यह पिछले चार वर्षों में जनवरी का सबसे नम महीना साबित हो रहा है। मंगलवार को हुई बारिश के साथ ही इस महीने का कुल आंकड़ा 24 मिमी तक पहुंच गया है, जिसने साल 2022 के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। हालांकि, आमतौर पर बारिश धूल और धुएं के कणों को जमीन पर बैठा देती है, लेकिन इस बार हवा की चाल और वातावरण की नमी ने प्रदूषण को बांधे रखा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, बुधवार सुबह दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 273 दर्ज किया गया। मंगलवार को तो यह आंकड़ा 336 तक पहुंच गया था। चांदनी चौक जैसे व्यस्त इलाकों में AQI 340 के पार रहा, जो सेहत के लिए गंभीर खतरा है। विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की गति कम होने और तापमान में भारी गिरावट की वजह से प्रदूषक तत्व वातावरण की निचली सतह पर ही जमे रह गए।
ठंडी हवाओं और ओलावृष्टि से लुढ़का पारा
बारिश के साथ चली उत्तर-पश्चिमी बर्फीली हवाओं ने दिल्ली-एनसीआर के तापमान में 6 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट ला दी है। नोएडा, रेवाड़ी और नारनौल जैसे इलाकों में ओलावृष्टि की भी खबरें आईं, जिससे ठिठुरन और बढ़ गई है। मंगलवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 16.9 डिग्री के आसपास सिमट गया। सर्द हवाओं के थपेड़ों ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया है और सड़कों पर आवाजाही काफी कम देखी गई।
नोएडा-गुरुग्राम का भी बुरा हाल
प्रदूषण की मार सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है। नोएडा में सोमवार को 219 रहने वाला AQI मंगलवार को बढ़कर 331 (बहुत खराब श्रेणी) पर पहुंच गया। गुरुग्राम में भी स्थिति ऐसी ही रही, जहां प्रदूषण का स्तर 306 दर्ज किया गया। गाजियाबाद तो और भी बुरा रहा, जहां AQI 376 तक पहुंच गया, जो लगभग ‘गंभीर’ श्रेणी के करीब है।
अगले 4 दिनों के लिए मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अभी राहत की उम्मीद कम है। हालांकि बुधवार को बारिश के आसार नहीं हैं, लेकिन आसमान में बादल छाए रहेंगे और सुबह के समय घना कोहरा यातायात प्रभावित कर सकता है। विभाग ने 1 फरवरी को एक बार फिर गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। तब तक सर्द हवाएं और मध्यम से घना कोहरा दिल्ली-एनसीआर वालों की मुश्किलें बढ़ाता रहेगा।
प्रशासन ने बुजुर्गों और सांस के मरीजों को सलाह दी है कि वे सुबह की सैर से परहेज करें और घर से निकलते समय मास्क का उपयोग जरूर करें। यह बदलता मौसम न केवल परिवहन बल्कि आम जनजीवन और स्वास्थ्य के लिए भी बड़ी चुनौती बन गया है।






