दिल्ली में ‘अभेद किला’ तैयार: 77वें गणतंत्र दिवस पर परिंदा भी नहीं मार पाएगा पर, सीमाओं पर भारी घेराबंदी
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संवाद 24 नई दिल्ली। देश के 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को एक अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। देश की आन-बान और शान के इस महापर्व में कोई खलल न पड़े, इसके लिए दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। दिल्ली की सीमाओं पर इस वक्त ऐसा पहरा है कि संदिग्ध तो क्या, एक परिंदा भी सुरक्षा घेरे को चकमा नहीं दे सकता।
सीमाओं पर ‘हाई अलर्ट’, हर वाहन की कड़ी तलाशी
दिल्ली को पड़ोसी राज्यों से जोड़ने वाली तमाम सीमाओं—सिंघु, टिकरी, गाजीपुर, औचंदी और कापसहेड़ा—पर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। हरियाणा और उत्तर प्रदेश से दिल्ली में प्रवेश करने वाले प्रत्येक वाहन की गहनता से तलाशी ली जा रही है। जगह-जगह कटीले तार और लोहे के भारी बैरिकेड्स लगाए गए हैं। दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों (Paramilitary Forces) की टुकड़ियों ने मोर्चा संभाल लिया है। सघन चेकिंग की वजह से दिल्ली-एनसीआर के बॉर्डर इलाकों में वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस प्रशासन कोई ढील देने को तैयार नहीं है।
आसमान में ‘नो-फ्लाई ज़ोन’ का पहरा
सिर्फ जमीन ही नहीं, दिल्ली का आसमान भी अब पूरी तरह सुरक्षा घेरे में है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पूरी राजधानी को ‘नो-फ्लाई ज़ोन’ घोषित कर दिया है। 15 फरवरी तक दिल्ली के आसमान में ड्रोन, पैरा-ग्लाइडर, पैरा-मोटर्स, हैंग-ग्लाइडर, हॉट एयर बैलून और छोटे विमानों के उड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यदि कोई भी व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कर्तव्य पथ के आसपास अत्याधुनिक ‘एंटी-ड्रोन’ सिस्टम तैनात किए गए हैं, जो किसी भी संदिग्ध फ्लाइंग ऑब्जेक्ट को हवा में ही जाम या नष्ट कर सकते हैं।
चप्पे-चप्पे पर स्नाइपर्स और कमांडो की तैनाती
समारोह की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली में हजारों पुलिसकर्मियों और जांबाज कमांडो को तैनात किया गया है। लुटियंस दिल्ली और कर्तव्य पथ की ओर जाने वाले हर रास्ते पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) युक्त सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछा दिया गया है। ऊंची इमारतों पर एनएसजी (NSG) के स्नाइपर्स ने अपनी पोजीशन ले ली है। इसके अलावा, फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS) के जरिए हर आने-जाने वाले चेहरे का मिलान पुलिस डेटाबेस से किया जा रहा है ताकि किसी भी अवांछित तत्व को तुरंत दबोचा जा सके।
होटल और संवेदनशील इलाकों की निगरानी
पुलिस की विशेष टीमें पुरानी दिल्ली और नई दिल्ली के होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं में लगातार छापेमारी और चेकिंग कर रही हैं। वहां ठहरने वाले मेहमानों के पहचान पत्रों की बारीकी से जांच की जा रही है। किरायेदारों और घरेलू सहायकों के पुलिस वेरिफिकेशन का काम भी युद्धस्तर पर चल रहा है। मेट्रो स्टेशनों पर सीआईएसएफ (CISF) ने सुरक्षा बढ़ा दी है और यात्रियों की सघन जांच की जा रही है।
नागरिकों के लिए विशेष सलाह
दिल्ली पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे सुरक्षा जांच के दौरान धैर्य बनाए रखें और सुरक्षाकर्मियों का सहयोग करें। किसी भी लावारिस वस्तु या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिसकर्मी को दें या हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें। 77वें गणतंत्र दिवस के इस गौरवशाली अवसर पर देश की राजधानी पूरी तरह सुरक्षित है और सेना के शौर्य व देश की सांस्कृतिक विविधता की भव्य झलक दिखाने के लिए तैयार है।






