
संवाद 24 संवाददाता। नए साल की शुरुआत के साथ ही कानपुर और पूरे उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड ने अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। कानपुर प्रदेश का सबसे ठंडा जिला बन गया है, जहां न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 4.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। दिन का अधिकतम तापमान भी मात्र 15.9 डिग्री दर्ज किया गया। घने कोहरे ने दृश्यता को शून्य कर दिया है, जिससे सड़कें सूनी पड़ी हैं और प्रदूषण का स्तर सामान्य से चार गुना अधिक हो गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी हवाओं और धुंध के कारण ठंड लगातार बढ़ रही है। 1 और 2 जनवरी को दोपहर में हल्की धूप की उम्मीद है, लेकिन शाम 4 बजे के बाद फिर शीतलहर शुरू हो जाएगी। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने चेतावनी दी है कि 3 जनवरी से लगातार 14 जनवरी तक शीत दिवस (कोल्ड डे) जैसी स्थिति बनी रहेगी। रात में पूरे कानपुर मंडल में शीतलहर का प्रकोप जारी रह सकता है। जनवरी के पहले सप्ताह में कोहरा, धुंध और प्रदूषण में कोई कमी नहीं आएगी, जबकि 3 जनवरी से पाला पड़ने की आशंका है।
किसानों के लिए विशेष सलाह
ठंड और पाले का सबसे ज्यादा असर फसलों पर पड़ रहा है। मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि फसलों में नमी बनाए रखें। हल्की सिंचाई करें और जहां संभव हो, फसलों को ढककर रखें। पाले से गेहूं, आलू और सरसों जैसी फसलों को नुकसान हो सकता है।
नए साल में ठंड से राहत की उम्मीद कम है, लेकिन 14 जनवरी के बाद मौसम में कुछ नरमी आ सकती है। तब तक गर्म कपड़े, अलाव और सावधानी ही ठंड से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है। मौसम विभाग की सलाह है कि बुजुर्ग, बच्चे और बीमार लोग घर से कम निकलें।
प्रदेश के सबसे ठंडे जिले
कानपुर नगर: 4.4 डिग्री
फुरसतगंज: 5.2 डिग्री
प्रयागराज: 6.4 डिग्री
इटावा: 6.6 डिग्री
बाराबंकी: 6.6 डिग्री
इस ठंड ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। लोग घरों में दुबके हैं, अलाव जलाकर ठंड से राहत की कोशिश कर रहे हैं। घने कोहरे के कारण ट्रेनें और फ्लाइट्स देरी से चल रही हैं, जबकि सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।






