
संवाद 24 लखनऊ। जनवरी में प्रयागराज में आयोजित होने वाले माघ मेला को लेकर परिवहन व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया गया है। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए लखनऊ रोडवेज की 300 बसें प्रयागराज मार्ग पर संचालित की जाएंगी। बस संचालन की निगरानी और समन्वय के लिए 30 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की विशेष ड्यूटी भी लगाई गई है।
पहले 500 बसों का प्रस्ताव, बाद में बदली योजना
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक आर.के. त्रिपाठी ने बताया कि माघ मेला के लिए शुरुआत में 500 बसें चलाने का प्रस्ताव था। हालांकि, यात्रियों की संभावित संख्या और मौजूदा संसाधनों के आकलन के बाद फिलहाल 300 बसें ही लगाए जाने का निर्णय लिया गया है। आवश्यकता पड़ने पर बसों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।
7 डिपो से होंगी बसों की तैनाती
माघ मेला के लिए रायबरेली, चारबाग, कैसरबाग, अवध, आलमबाग, हैदरगढ़ और बाराबंकी डिपो से बसें भेजी गई हैं। इनमें से करीब 100 बसें लखनऊ डिपो से संचालित की जाएंगी। बसों का संचालन प्रमुख मार्गों और स्नान पर्वों को ध्यान में रखकर किया जाएगा।
भीड़ बढ़ने पर तुरंत बढ़ेगी बसों की संख्या
रोडवेज अधिकारियों के अनुसार, स्नान पर्वों और विशेष तिथियों पर श्रद्धालुओं की संख्या में अचानक इजाफा होता है। ऐसे में अतिरिक्त बसों को तत्काल रूट पर उतारने की व्यवस्था रखी गई है। यात्रियों की सुविधा के लिए बस संचालन की लगातार समीक्षा की जाएगी।
यात्रियों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता
परिवहन निगम ने स्पष्ट किया है कि माघ मेला के दौरान यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए कंट्रोल रूम के जरिए बसों की निगरानी की जाएगी। तैनात अधिकारी और कर्मचारी मौके की स्थिति के अनुसार त्वरित निर्णय लेकर बसों और रूट में आवश्यक बदलाव करेंगे।






