
लखनऊ। संवाददाता, संवाद 24।
राजधानी लखनऊ में ठंड के साथ-साथ वायु प्रदूषण का संकट भी गहराता जा रहा है। रविवार को घनी धुंध और कोहरे के कारण शहर की हवा कई इलाकों में बेहद खराब स्तर पर पहुंच गई। तालकटोरा क्षेत्र का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 318 दर्ज किया गया, जो रेड जोन में आता है। यह स्थिति खास तौर पर सांस के रोगियों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए गंभीर खतरा मानी जा रही है।
शहर के अन्य हिस्सों में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। लालबाग और अलीगंज इलाकों में AQI ऑरेंज श्रेणी में रहा, जबकि गोमतीनगर, बीबीएयू और कुकरैल जैसे क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता मध्यम स्तर पर दर्ज की गई। विशेषज्ञों के अनुसार लगातार धुंध, कमजोर हवा की गति और स्थानीय प्रदूषण स्रोतों के कारण हवा की सेहत बिगड़ रही है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार से लखनऊ में हवा की दिशा में बदलाव के संकेत हैं। पुरवाई हवाएं थमने के बाद पछुआ हवाएं चलने की संभावना है, जिससे दिन और रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है। हालांकि पछुआ की रफ्तार बढ़ने से कोहरे और धुंध में कुछ हद तक कमी आने की उम्मीद भी जताई जा रही है।
रविवार को शहर का अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से मामूली अधिक रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में ठंड और गलन और बढ़ सकती है।
प्रमुख इलाकों में वायु प्रदूषण की स्थिति (AQI):
तालकटोरा: 318 – रेड जोन (बेहद खराब)
लालबाग: 244 – ऑरेंज जोन (खराब)
अलीगंज: 219 – ऑरेंज जोन (खराब)
गोमतीनगर: 195 – मध्यम
बीबीएयू: 170 – मध्यम
कुकरैल: 111 – मध्यम
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि अत्यधिक प्रदूषित इलाकों में अनावश्यक बाहर निकलने से बचें, मास्क का उपयोग करें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। Samvad24 लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।






