
संवाद 24 संवाददाता। उत्तर प्रदेश का औद्योगिक शहर, अब ऊंचाई के मामले में भी नोएडा-लखनऊ के बाद अपना नाम दर्ज कराने जा रहा है। शहर के दिल तिलक नगर में कंपनी बाग चौराहे के पास एमरॉल्ड गुलिस्ताँ के सामने एक नया स्काईलाइन उभर रहा है, पालोमा द ग्रैंड्योर एनसीआर के बाहर सबसे ऊंची इमारत होगी, कानपुर में बन रही है। इसकी ऊंचाई 161 मीटर होने का प्रस्ताव है। यह इमारत उत्तर प्रदेश की तीसरी सबसे ऊंची आवासीय इमारत होगी।
फिलहाल यूपी में सबसे ऊंची चार इमारतें नोएडा में हैं – सुपरटेक नोवा ईस्ट और वेस्ट – 180 मीटर, वेव लिवॉर्क और वेब वन – 180 और 170 मीटर, नोएडा का सुपरनोवा स्पायरिया प्रोजेक्ट (300 मीटर, 80 मंजिल) तो देश की पांचवीं और प्रदेश की सबसे ऊंची इमारत बनने की दौड़ में था, लेकिन बिल्डर के दिवालिया होने से वह प्रोजेक्ट अटक गया है। इसलिए अभी वह सूची में शामिल नहीं है। खास बात यह है कि मुंबई को छोड़कर पूरे देश में यह इमारत नौवें नंबर पर होगी। यानी दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, पुणे जैसे महानगरों से भी ऊंची!
प्रोजेक्ट की खासियतें कुल
मंजिलें: 42 (तीन बेसमेंट सहित)कुल क्षेत्रफल: करीब 9,900 वर्ग मीटरपार्किंग: 600 गाड़ियों की क्षमताफ्लैट्स: सिर्फ 140 लग्जरी अपार्टमेंटप्रति मंजिल: मात्र 4 फ्लैट (प्राइवेसी का पूरा ध्यान)फ्लैट साइज: 4,500 से 6,000 वर्ग फीटटॉप फ्लोर: शानदार पेंटहाउस
सुविधाएं: दो स्विमिंग पूल, सेवेन-स्टार क्लब हाउस, जिम, स्पा जैसी तमाम आधुनिक सुविधाएं शुरुआत में इसका नक्शा 140 मीटर ऊंचाई का पास हुआ था, लेकिन बाद में डेवलपर ने 161 मीटर तक बढ़ाने के लिए आवेदन किया। केडीए के चीफ टाउन प्लानर मनोज कुमार कहते हैं, “140 मीटर में भी यह प्रदेश की तीसरी सबसे ऊंची इमारत होती, 161 मीटर होने से तो और भव्य हो जाएगी।”
कौन बना रहा है? प्रोजेक्ट शहर के जाने-माने सराफा कारोबारी महेश जैन का है। उनका कहना है, “हमने देश-दुनिया की बेस्ट ग्रुप हाउसिंग सोसाइटीज को देखकर इसे डिजाइन किया है। कानपुर में पहली बार ऐसा लग्जरी प्रोजेक्ट आ रहा है, जिसमें हर फ्लैट में भरपूर प्राइवेसी और वेंटिलेशन होगा।
”फ्लैट्स की कीमत अभी तय नहीं हुई है, लेकिन अंदाजा है कि 7 से 8 करोड़ रुपये के बीच होगी। यानी कानपुर में अब मुंबई-दिल्ली स्टाइल का लग्जरी लिविंग आने वाला है। कानपुर, जो कभी सिर्फ चमड़े और कपड़े के लिए जाना जाता था, अब ऊंचाई और लग्जरी में भी अपनी अलग पहचान बना रहा है। यह इमारत जब पूरी होगी, तो शहर का स्काईलाइन ही बदल जाएगा।






