टीके से नहीं, सांस नली में दूध फंसने से हुई थी 3 महीने के मासूम की मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ खुलासा, परिजनों ने लगाया था जाम
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संवाद 24 उन्नाव। जिले के नवाबगंज ब्लॉक स्थित मकूर गांव में शनिवार को एक 3 महीने के बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने बच्चे की मौत का कारण ‘गलत टीकाकरण’ (Wrong Vaccination) बताते हुए जमकर हंगामा किया और अजगैन-हसनगंज मार्ग को एक घंटे तक जाम रखा। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की असली वजह सामने आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकी।
टीकाकरण पर उठा था सवाल मकूर निवासी सूरज के 3 महीने के बेटे गौरव को शुक्रवार को गांव में आयोजित कैंप में एएनएम रूबी और आशा बहू निशा ने टीके लगाए थे। बच्चे को पोलियो, पेंटा, रोटा और पीसीवी (निमोनिया) की वैक्सीन दी गई थी। परिजनों का आरोप था कि टीका लगने के बाद शनिवार सुबह 7 बजे जब वे सोकर उठे, तो बच्चा मृत मिला और उसके शरीर पर लाल चकत्ते पड़ गए थे। गुस्से में परिजनों ने गलत इंजेक्शन का आरोप लगाते हुए चक्काजाम कर दिया।
पोस्टमार्टम में हुआ चौंकाने वाला खुलासा पुलिस अधिकारियों (सीओ हसनगंज अरविंद चौरसिया और एसओ सुरेश सिंह) के समझाने के बाद जाम खुला और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि बच्चे की मौत ‘एस्पिरेट’ (Aspirate) करने से हुई है। डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चे के पेट से दूध वापस पलटा (Regurgitation), लेकिन वह मुंह से बाहर आने की बजाय उसकी सांस नली और फेफड़ों में चला गया, जिससे दम घुटने से उसकी मौत हो गई।
अन्य 11 बच्चे पूरी तरह स्वस्थ सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि मकूर गांव के उस कैंप में कुल 12 बच्चों का टीकाकरण हुआ था। बाकी 11 बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं। दुर्भाग्यवश, सिर्फ एक बच्चे के साथ यह अनहोनी हुई, जिसका कारण वैक्सीन नहीं बल्कि ‘मिल्क एस्पिरेशन’ था।
प्रशासन की अपील चिकित्सा अधिकारियों ने बताया कि छोटे बच्चों को दूध पिलाने के बाद डकार दिलाना और सिर को थोड़ा ऊंचा रखना बेहद जरूरी होता है, ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।






