
फतेहपुर | संवाद 24 न्यूज़
फतेहपुर में काम के दबाव और अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर जान देने वाले लेखपाल सुधीर कुमार के मामले में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। एक तरफ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पीड़ित परिवार से मिलने उनके घर पहुंचे, तो दूसरी तरफ लेखपाल संघ ने अपनी हड़ताल और अनिश्चितकालीन धरना समाप्त कर दिया है।
अखिलेश ने दी 2 लाख की मदद, सरकार पर बरसे शुक्रवार को बागबादशाही खजुहा पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मृतक लेखपाल के परिजनों को सांत्वना दी और अपनी तरफ से 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद का चेक सौंपा। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला।
- अधिकारी को बचाने का आरोप: अखिलेश ने कहा कि जिस अधिकारी की प्रताड़ना से लेखपाल की जान गई, उसे सरकार के इशारे पर प्रशासन बचा रहा है।
- SIIR सर्वे पर सवाल: अखिलेश ने एसआईआईआर (SIIR) सर्वे को लेकर कहा कि जब से भाजपा चुनाव हारी है, साजिशें रची जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि इस सर्वे का असली मकसद बंगाल में ममता बनर्जी को रोकना है और घुसपैठियों का झूठा प्रचार करना है। बिहार में भी घुसपैठिये नहीं मिले थे।
देर रात खत्म हुई लेखपालों की हड़ताल लेखपाल सुधीर कुमार (निवासी बागबादशाही) ने मंगलवार को अधिकारियों (डिप्टी कलेक्टर/ईआरओ और कानूनगो) पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए आत्महत्या कर ली थी। इसके विरोध में प्रदेश भर के लेखपाल लामबंद थे। उनकी मांग थी कि:
- डिप्टी कलेक्टर पर भी मुकदमा दर्ज हो (कानूनगो पर हो चुका था)।
- परिवार को 50 लाख का मुआवजा मिले।
- परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए।
शुक्रवार रात एडीएम न्यायिक सुनील कुमार ने प्रदर्शनकारियों से बात की और उन्हें ठोस आश्वासन दिया, जिसके बाद लेखपालों ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया।






