गोरखपुर थाने में महिला से मारपीट, चार पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
Share your love

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। बेलघाट थाना क्षेत्र की एक महिला जब घरेलू विवाद की शिकायत लेकर थाने पहुंची, तो उसे न्याय मिलने के बजाय कथित रूप से पुलिसकर्मियों की मारपीट और अभद्र व्यवहार का सामना करना पड़ा। यह घटना कानून व्यवस्था और पुलिस आचरण दोनों पर चिंता बढ़ाती है।
CCTV फुटेज ने खोली पोल
मामले की शिकायत मिलने के बाद जांच कराई गई, जिसमें थाने के सीसीटीवी फुटेज ने महिला के आरोपों की पुष्टि कर दी। फुटेज में दारोगा और अन्य पुलिसकर्मियों द्वारा महिला के साथ दुर्व्यवहार साफ नजर आया। यह प्रमाण सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और तत्काल कार्रवाई की गई।
दारोगा समेत चार पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
इस पूरे प्रकरण में दारोगा अशोक सिंह और तीन सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही एक वरिष्ठ अधिकारी को पूरे घटनाक्रम की जांच सौंपी गई है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय होगी।
पीड़िता का आरोप: उल्टा किया गया चालान
पीड़ित महिला ने आरोप लगाया कि थाने में मारपीट के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ ही शांतिभंग की आशंका में कार्रवाई करते हुए चालान कर दिया। इतना ही नहीं, कथित रूप से 500 रुपये लेकर उसे तहसील भेज दिया गया, जहां उसे असुरक्षित हालात में अकेला छोड़ दिया गया।
कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
यह घटना पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती है—जहां एक ओर जनता न्याय की उम्मीद लेकर थाने पहुंचती है, वहीं दूसरी ओर यदि वही स्थान उत्पीड़न का केंद्र बन जाए तो विश्वास की नींव कमजोर पड़ती है।गोरखपुर की यह घटना न सिर्फ एक महिला के साथ अन्याय का मामला है, बल्कि यह पूरे सिस्टम में जवाबदेही और पारदर्शिता की आवश्यकता को भी उजागर करती है। अब निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि दोषियों पर कितनी सख्त कार्रवाई होती है।






