
संवाद 24 लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों, विशेषकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस, पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने वंदे मातरम् के सम्मान और राष्ट्रवाद से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करते हुए विपक्ष की नीतियों की आलोचना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम् का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता और इसका विरोध करने वालों की सोच पर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों ने पहले वंदे मातरम् का विरोध किया था, जबकि देश की परंपराओं और राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान सभी नागरिकों का कर्तव्य है। इस दौरान कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा मोना ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी वंदे मातरम् का समर्थन करती है, जिस पर मुख्यमंत्री ने उनका धन्यवाद भी किया।
अपने भाषण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व की सरकारों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कुछ धार्मिक आयोजनों और परंपराओं को लेकर अतीत में प्रतिबंध लगाए गए थे। उन्होंने कांवड़ यात्रा और जन्माष्टमी जैसे आयोजनों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को सम्मान देने तथा उनके सुचारु आयोजन के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने अयोध्या, काशी और मथुरा सहित प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों को राष्ट्रचेतना का केंद्र बताते हुए कहा कि सांस्कृतिक विरासत और विकास को साथ लेकर चलना ही प्रदेश के पुनर्जागरण का आधार है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश की आस्था और सांस्कृतिक चेतना का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है।






