
संवाद 24 लखनऊ। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर 23 जनवरी को उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक साथ ब्लैकआउट मॉकड्रिल आयोजित की जाएगी। इस दौरान शाम छह बजे हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजेंगे और लगभग 10 मिनट तक बिजली आपूर्ति बंद रखी जाएगी। प्रशासन के अनुसार, यह अभ्यास किसी भी आपात स्थिति या संभावित हमले से निपटने की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
मॉकड्रिल से पहले राजधानी लखनऊ में गुरुवार शाम रिहर्सल किया गया। पुलिस लाइन परिसर में आयोजित इस अभ्यास में आपात हालात का सजीव दृश्य प्रस्तुत किया गया। सायरन बजते ही क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल बना और यह दिखाया गया कि हवाई हमले के बाद कई लोग घायल हुए हैं। रिहर्सल का उद्देश्य वास्तविक स्थिति में त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया की क्षमता को मजबूत करना रहा।
अभ्यास के दौरान बम धमाके से आग लगने, इमारत ढहने और लोगों के फंसे होने जैसे परिदृश्य बनाए गए। सिविल डिफेंस, आपदा प्रबंधन विभाग, SDRF और NDRF की टीमों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्य किए। घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया, ऊंची इमारतों से लोगों को सुरक्षित निकाला गया और आग लगी कार से चालक को बाहर निकालने का अभ्यास किया गया।
प्रशासन ने बताया कि 23 जनवरी को शाम छह बजे सायरन बजने के साथ ही कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति रोकी जाएगी। इस संबंध में प्रमुख सचिव ने डीजीपी, उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और राहत आयुक्त समेत सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। आम जनता से अपील की गई है कि मॉकड्रिल के दौरान घबराएं नहीं और प्रशासन का सहयोग करें।
संयुक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि इस राज्यव्यापी मॉकड्रिल में आम नागरिकों को भी आपात परिस्थितियों से निपटने के तरीकों के प्रति जागरूक किया जाएगा। संभावना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस अभ्यास में शामिल हों। अधिकारियों के अनुसार, इस मॉकड्रिल से आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों को और सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।






