भूमिहीन परिवारों के लिए राहत: यूपी में कृषि व आवास प्लॉट वितरण 70% तक पहुंचा
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संवाद 24 लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जिन लोगों के पास अपनी खेती की जमीन नहीं है, उन्हें सरकार की विशेष पहल के तहत कृषि योग्य प्लॉट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। राज्य सरकार की इस योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष में अब तक लगभग 70 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया गया है। यह जानकारी राजस्व विभाग से जुड़े आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर सामने आई है।
राजस्व विभाग के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 1,076 भूमिहीन और सीमांत किसानों को कुल 151.80 हेक्टेयर कृषि भूमि आवंटित की जा चुकी है। इसके साथ ही ग्रामीण इलाकों में रहने वाले 3,754 गरीब परिवारों को आवासीय प्लॉट भी दिए गए हैं, ताकि उन्हें रहने के लिए स्थायी स्थान मिल सके।
इस योजना का उद्देश्य उन परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, जो अब तक जमीन के अभाव में खेती नहीं कर पा रहे थे। कृषि भूमि मिलने से ऐसे परिवार अब खेती के जरिए अपनी आजीविका चला सकेंगे, जबकि आवासीय प्लॉट मिलने से उन्हें स्थायी आवास की सुविधा भी मिल रही है।
सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, भूमि और आवास प्लॉट के आवंटन में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों को प्राथमिकता दी जा रही है। चयन प्रक्रिया ग्राम स्तर से शुरू होकर तहसील और जिला प्रशासन के माध्यम से पूरी की जाती है।
अधिकारियों का कहना है कि भूमि आवंटन की प्रक्रिया को पारदर्शी रखने के लिए रिकॉर्ड का सत्यापन, मौके पर जांच और डिजिटल डेटा का सहारा लिया जा रहा है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि वास्तविक भूमिहीन परिवारों को ही योजना का लाभ मिले।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
राज्य सरकार का कहना है कि वित्तीय वर्ष के शेष समय में शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के लिए अभियान को और तेज किया जाएगा। इसके लिए गांव-गांव सर्वे, भूमि चिन्हांकन और लाभार्थियों की सूची को अपडेट किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ेगी, खेती को बढ़ावा मिलेगा और भूमिहीन परिवारों को सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार मिलेगा।






