
संवाद 24 संवाददाता। उत्तर प्रदेश बार काउंसिल चुनाव के पहले चरण का मतदान शुक्रवार सुबह 10 बजे से शुरू हो गया। मतदान को लेकर अधिवक्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। दीवानी न्यायालय परिसर और फतेहाबाद में बनाए गए कुल 18 मतदान केंद्रों पर अधिवक्ता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए सुबह से ही पहुंचने लगे। मतदान शाम 5 बजे तक चलेगा।
इस चुनाव में पूरे प्रदेश से कुल 333 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें आगरा जनपद से 11 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। दीवानी परिसर में मतदान के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। यहां तीन कमरों में पांच-पांच बूथ बनाए गए हैं, ताकि मतदान प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो सके।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत एसएसएफ के जवानों द्वारा सघन चेकिंग के बाद ही मतदाताओं को परिसर में प्रवेश दिया जा रहा है। चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए दीवानी में एडीजे-26 अमरजीत और फतेहाबाद में सिविल जज किशन चंद पांडेय को चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया है।
दीवानी परिसर में कलेक्ट्रेट, कमिश्नरी, टैक्सेशन, तहसील सदर, किरावली और एत्मादपुर क्षेत्र के अधिवक्ता मतदान कर सकेंगे। आगरा जनपद में कुल 4686 अधिवक्ता मतदाता हैं। मतदान के लिए पहुंचे अधिवक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पार्किंग की समुचित व्यवस्था भी की गई है, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
मतदान को लेकर की गई प्रमुख व्यवस्थाएं
मतदान स्थल पर सभी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स प्रतिबंधित रखे गए हैं।
केवल वही अधिवक्ता मतदान स्थल में प्रवेश कर सकेंगे, जिनके नाम मतदाता सूची में दर्ज हैं।
मतदान के लिए अधिवक्ताओं को अपना सीओपी कार्ड, पंजीकरण प्रमाण पत्र या उत्तर प्रदेश बार काउंसिल का पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य है।
दीवानी परिसर में न्यायिक अधिकारियों के वाहनों के अतिरिक्त अन्य सभी वाहनों का प्रवेश गेट नंबर-1 से प्रतिबंधित किया गया है।
अधिवक्ताओं और स्टाफ के वाहन गेट नंबर-1ए स्थित पार्किंग स्थल में खड़े किए जाएंगे।
गेट नंबर-1 की पार्किंग भरने पर वाहनों को गेट नंबर-5 पर खड़ा करने की व्यवस्था की गई है।
गेट नंबर-5 तक पहुंचने के लिए भदावर हाउस और नथानी हॉस्पिटल के पास वाली सड़कों का उपयोग किया जाएगा।
बाहर से आने वाले बड़े वाहन दीवानी चौराहे से नेहरू नगर मार्ग पर अधिवक्ताओं को उतारने के बाद पालीवाल पार्क में खड़े किए जाएंगे।
कुल मिलाकर पहले चरण के मतदान में अधिवक्ताओं की सक्रिय भागीदारी और अनुशासन देखने को मिला। शांतिपूर्ण माहौल और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, जिससे निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव की उम्मीद और मजबूत हुई है।






