
संवाद 24 संवाददाता। स्वच्छ सर्वेक्षण में देश में 10वां और प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल करने वाला आगरा नगर निगम अब रैंकिंग और बेहतर करने की दिशा में निर्णायक कदम उठा रहा है। शहर को स्वच्छता के मानकों पर देशभर में आगे लाने के लिए नगर निगम ने कूड़ा फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। इसके तहत सार्वजनिक स्थलों पर कूड़ा फेंकने पर निजी सफाई कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा, वहीं संबंधित सोसायटी पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
कॉलोनियों और अपार्टमेंट पर विशेष नजर
नगर निगम के अनुसार कई कॉलोनियों और बहुमंजिला इमारतों में निजी सफाई कर्मी कार्यरत हैं, जो कूड़ा उठाने के बाद उसे सड़क किनारे या नजदीकी सार्वजनिक स्थानों पर डाल देते हैं। अब ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इन आवासीय परिसरों को अपने स्तर पर कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था करनी होगी।
गीला, सूखा और हानिकारक कूड़ा अलग करना अनिवार्य
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि
गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग रखा जाए
हानिकारक/खतरनाक कचरे का पृथक निस्तारण किया जाए
सार्वजनिक स्थलों पर कूड़ा डालने पर कानूनी कार्रवाई तय है
यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो सफाई कर्मियों पर मुकदमा और सोसायटी पर जुर्माना दोनों लगाए जाएंगे।
स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारियां तेज
नगर निगम ने स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारियां तेज कर दी हैं। टीमें गलियों, बस्तियों, कॉलोनियों और अपार्टमेंट में जाकर लोगों को जागरूक कर रही हैं। इसके साथ:
विशेष सफाई अभियान
भवन निर्माण के बाद बची सामग्री हटाने की कार्रवाई
यमुना घाटों की सफाई के लिए प्लॉग रन
प्रदूषण फैलाने वालों पर सख्ती
जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं।
नगर निगम देगा सहयोग
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव वर्मा ने बताया कि यदि कोई सोसायटी सहयोग चाहती है तो नगर निगम की कूड़ा कलेक्शन गाड़ियों के साथ समन्वय कर नियमित उठान की व्यवस्था कराई जाएगी। उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाना है।
संदेश साफ नियम तोड़ेंगे तो कार्रवाई
नगर निगम ने साफ संकेत दे दिए हैं कि स्वच्छता के नियमों से समझौता नहीं होगा। सार्वजनिक स्थलों को कूड़ा घर बनाने वालों पर सख्त कार्रवाई कर आगरा को स्वच्छता की नई ऊंचाइयों तक ले जाने की तैयारी






