
संवाद 24 संवाददाता। आगरा में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर क्राइम थाना पुलिस ने क्रिप्टो करेंसी में निवेश का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गैंग के दो शातिर मास्टरमाइंड—विनय और विनोद—को गिरफ्तार किया है, जो देशभर में हजारों लोगों को अपना शिकार बना चुके थे।
एडीसीपी क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि साइबर थाने में दर्ज एक प्राथमिकी की जांच के दौरान इस बड़े घोटाले का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि गिरोह ने उत्तर प्रदेश समेत छह राज्यों के लोगों से 50 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है। अकेले आगरा में ही कई पीड़ितों से करोड़ों रुपये ऐंठे गए थे।
फर्जी वेबसाइट और सेमिनार के जरिए रची साजिश
आरोपियों ने ठगी के लिए अत्यंत योजनाबद्ध तरीका अपनाया। उन्होंने क्रिप्टो करेंसी निवेश से जुड़े नामों पर फर्जी वेबसाइट तैयार कीं और देश के अलग-अलग शहरों में सेमिनार आयोजित किए। इन आयोजनों में निवेशकों को कम समय में मोटे मुनाफे का लालच दिया जाता था।
गिरोह अपनी ही वेबसाइट पर फर्जी अकाउंट बनाकर निवेशकों को नकली मुनाफा दिखाता था, जिससे लोगों का भरोसा और मजबूत हो जाता था। जैसे ही निवेश की रकम बड़ी हो जाती, आरोपी शहर बदलकर फरार हो जाते थे।
पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आए
गिरफ्तार आरोपी विनोद पर बागपत में पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जबकि विनय तकनीकी और डिजिटल लेनदेन की जिम्मेदारी संभालता था। पुलिस को आशंका है कि गैंग के अन्य सदस्य अभी भी फरार हैं।
ठगी की रकम से विदेश निवेश की जांच
पुलिस अब ठगी की रकम से किए गए विदेशी निवेश, बैंक खातों, क्रिप्टो वॉलेट और अन्य डिजिटल लेनदेन की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
पुलिस की अपील
साइबर क्राइम पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि क्रिप्टो करेंसी या किसी भी ऑनलाइन निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में दें।






